बजट सत्र में कांग्रेस का तेवर तेज, मनरेगा, SIR और विदेश नीति पर सीधी टक्कर

· 1 min read
बजट सत्र में कांग्रेस का तेवर तेज, मनरेगा, SIR और विदेश नीति पर सीधी टक्कर

बजट सत्र से पहले कांग्रेस की सख्त रणनीति, कई मुद्दों पर टकराव के संकेत

संसद का बजट सत्र बुधवार से शुरू हो रहा है और इसके हंगामेदार रहने के संकेत पहले ही मिल गए हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह मनरेगा, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), विदेश नीति और अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार से सीधी टक्कर लेगी, भले ही सरकार ने इन पर दोबारा चर्चा से इनकार कर दिया हो।

सोनिया गांधी के आवास पर कांग्रेस की रणनीति बैठक

कांग्रेस की संसदीय रणनीति समूह की बैठक मंगलवार को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर हुई। बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इसी बैठक में यह फैसला लिया गया कि बजट सत्र के दौरान सरकार को कई मुद्दों पर घेरा जाएगा।

विपक्षी दलों की साझा रणनीति पर चर्चा की तैयारी

बैठक के बाद राज्यसभा में कांग्रेस के नेता और मुख्य सचेतक नसीर हुसैन ने बताया कि बुधवार सुबह 10 बजे संसद भवन में मल्लिकार्जुन खड़गे के कक्ष में विपक्षी दलों की बैठक होगी। इस बैठक में बजट सत्र के दौरान साझा रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि विपक्ष एकजुट होकर सरकार के सामने अपनी बात रख सके।

मनरेगा पर सरकार से जवाब की मांग

नसीर हुसैन के अनुसार बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा मनरेगा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार के दौरान लागू की गई इस योजना को हटाकर ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (VB-G RAM G)’ लाया गया है और सरकार इस बदलाव पर जवाब देने से बच रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा को लेकर विस्तृत चर्चा हो चुकी है और इसे बजट सत्र के पहले हिस्से में मजबूती से उठाया जाएगा।

SIR को लेकर भ्रम, अव्यवस्था और वोट चोरी के आरोप

कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर भी सरकार को निशाना बनाया है। नसीर हुसैन ने कहा कि जमीनी रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्रक्रिया से भ्रम और अव्यवस्था फैली है। उन्होंने इसे वोट चोरी से जोड़ते हुए कहा कि यदि SIR गलत तरीके से लागू किया गया तो 2003 के बाद हुए चुनावों की वैधता पर सवाल खड़े हो सकते हैं। कांग्रेस इस प्रक्रिया को वापस लेने की मांग करने की तैयारी में है।

पर्यावरण, संघीय ढांचे और संवेदनशील मुद्दे भी एजेंडे में

कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि बजट सत्र में अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा, ग्रेट निकोबार परियोजना, जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग, और इंदौर व अहमदाबाद में दूषित पानी से हुई मौतों जैसे मुद्दों को भी जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। इन मुद्दों को पर्यावरण संरक्षण और संघीय ढांचे से जुड़ी महत्वपूर्ण चिंताओं के तौर पर पेश किया जाएगा।

विदेश नीति और अर्थव्यवस्था पर गंभीर चिंता

नसीर हुसैन ने कहा कि वर्तमान समय में भारत की विदेश नीति सबसे गंभीर चिंता का विषय है। उनका आरोप है कि अमेरिका रूस से तेल खरीदने के मसले पर भारत को धमका रहा है और भारत पर टैरिफ लगाए जा रहे हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि रुपये के गिरते मूल्य के कारण एमएसएमई सहित कई आर्थिक क्षेत्रों पर संकट गहरा रहा है।

सरकार ने विपक्ष की मांगों को ठुकराया

दूसरी ओर, सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष की मांगों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जब कोई कानून बन चुका है तो उसे वापस नहीं लिया जा सकता। SIR पर उन्होंने याद दिलाया कि पिछले संसद सत्र में चुनावी सुधारों पर लंबी बहस हो चुकी है, इसलिए दोबारा चर्चा की मांग अनावश्यक है।

समता विनियम और जाति जनगणना पर कांग्रेस का रुख

यूजीसी के समता विनियमों पर पूछे गए सवाल के जवाब में नसीर हुसैन ने कहा कि कांग्रेस जाति जनगणना की मांग कर रही है और उनका मानना है कि ऐसे कई मुद्दों का समाधान इसी प्रक्रिया के माध्यम से संभव है।

रणनीति बैठक में कौन-कौन शामिल रहे

रणनीति बैठक में प्रमोद तिवारी, जयराम रमेश, पी. चिदंबरम, मणिकम टैगोर, तारीक अनवर, रजनी पाटिल, मनीष तिवारी और के. सुरेश जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, शशि थरूर दुबई से लौट रहे होने की वजह से बैठक में शामिल नहीं हो सके और इस बारे में उन्होंने पहले ही पार्टी को जानकारी दे दी थी।

आने वाले दिनों में टकरावपूर्ण बजट सत्र की संभावना

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस और विपक्ष की यह आक्रामक रणनीति बजट सत्र को हंगामेदार और टकरावपूर्ण बना सकती है। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा, 1 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक निर्धारित है।

Bhavanesh Soni