छत्तीसगढ़ में कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस, पहली बार डीएफओ भी शामिल
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक सुधार और कसावट लाने के लिए नवा रायपुर में दो दिवसीय कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस का आयोजन किया है। यह कांफ्रेंस 12 और 13 अक्टूबर को होगी। इसमें पहली बार डीएफओ को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और डीएफओ हिस्सा लेंगे।
मुख्य एजेंडा और तैयारियां
राज्य शासन ने कलेक्टर्स और एसपी को बैठक के एजेंडे के साथ पत्र जारी कर दिया है। कलेक्टर-एसपी और कलेक्टर-डीएफओ कांफ्रेंस में जिलों से विभिन्न जानकारियां मांगी गई हैं। कलेक्टर्स कांफ्रेंस में विभागीय सचिव, संभागायुक्त भी शामिल होंगे। वहीं, एसपी कांफ्रेंस में कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध और विकास कार्यों पर चर्चा होगी।
विशेष रूप से वन विभाग पर ध्यान
इस बार पहली बार कलेक्टर-डीएफओ कांफ्रेंस होगी, जिसमें वन विभाग की योजनाओं पर विशेष समीक्षा की जाएगी। इसमें तेंदूपत्ता संग्रहण, लघु वनोपजों को बढ़ावा, ईको-टूरिज्म और मानव-वन्यजीव द्वंद की रोकथाम पर चर्चा होगी। वन भूमि व्यपवर्तन मामलों के त्वरित निराकरण और लैंड बैंक की स्थापना जैसे मुद्दे भी प्रमुख रहेंगे।
कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों पर चर्चा
13 अक्टूबर को एसपी कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री द्वारा संगठित अपराध, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, ड्रग्स रोकथाम, मानव तस्करी, गुमशुदा बच्चों के मामलों और साइबर अपराधों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही पुलिस कल्याण गतिविधियों और खाली पदों पर भर्ती की स्थिति का जायजा लिया जाएगा।
राज्य स्तरीय सुशासन शिखर सम्मेलन
14 अक्टूबर को राज्य स्तरीय सुशासन शिखर सम्मेलन का आयोजन भी होगा। इसमें राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधारों पर चर्चा होगी। कांफ्रेंस का उद्देश्य कलेक्टर, एसपी और डीएफओ के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग स्थापित करना है।