दिल्ली गैंगरेप: बस में फिंगरप्रिंट मिले, DNA रिपोर्ट का इंतजार

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दिल्ली गैंगरेप: बस में फिंगरप्रिंट मिले, DNA रिपोर्ट का इंतजार

दिल्ली में चलती स्लीपर बस में छात्रा से गैंगरेप: फोरेंसिक सबूत मिले, DNA रिपोर्ट का इंतजार

घटना का विवरण और पीड़िता की पृष्ठभूमि

4 अगस्त की रात उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली 11वीं कक्षा की 16 वर्षीय छात्रा ग्रेटर नोएडा के परी चौक से एक खाली स्लीपर बस में सवार हुई। पुलिस के अनुसार छात्रा पारिवारिक झगड़े के बाद बिना बताए नोएडा में रहने वाले अपने कजिन के घर जा रही थी। बारिश और अंधेरे में परी चौक पर उतरकर वह वाहन का इंतजार कर रही थी, तभी बस संख्या UP-83 वहां से गुजरी। बस फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश में पंजीकृत है। ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप ने छात्रा को बस में बैठा लिया और बताया कि बस नोएडा सेक्टर-63 जा रही है। बस चलने के कुछ समय बाद कंडक्टर ने छात्रा के साथ अश्लील हरकत करने की कोशिश की। छात्रा ने पुलिस को बताया कि ड्राइवर और कंडक्टर दोनों ने उसके साथ बलात्कार किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। बस के शीशों पर पर्दे लगे थे, जिससे अंदर की गतिविधियां बाहर से दिखाई नहीं देती थीं। देर रात दोनों आरोपियों ने छात्रा को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर उतार दिया और फरार हो गए। छात्रा ने उसी रात कश्मीरी गेट पुलिस से संपर्क कर घटना की जानकारी दी। मामला 31 अगस्त को सामने आया।

जांच, गिरफ्तारी और फोरेंसिक कार्रवाई

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बस के रूट और पहचान के लिए रास्ते में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच टीम ने बस को ट्रैक करते हुए ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को तिमारपुर की एक बस पार्किंग से गिरफ्तार किया। बस को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना वाले दिन बस में खराबी आने के बाद दोनों उसे नोएडा के सूरजपुर की एक वर्कशॉप में मरम्मत के लिए ले गए थे। मरम्मत के बाद वे खाली बस को तिमारपुर ले जा रहे थे, इसी दौरान परी चौक पर छात्रा ने बस को रुकने का इशारा किया था। फोरेंसिक जांच में बस से छात्रा और दोनों आरोपियों के फिंगरप्रिंट मिले हैं। बस की सीटों और स्टीयरिंग व्हील से भी फोरेंसिक सैंपल लिए गए हैं। ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप के कपड़े भी पुलिस ने जब्त किए हैं। पुलिस अब DNA रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए जल्द चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है।

मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने दिल्ली और गौतमबुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नरों के अलावा मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

गौरतलब है कि दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 की रात 23 वर्षीय युवती के साथ चलती बस में सामूहिक बलात्कार हुआ था, जिसे मीडिया में निर्भया कांड नाम दिया गया। गंभीर चोटों के बाद 29 दिसंबर को सिंगापुर के अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। उस मामले में छह लोग आरोपी बनाए गए थे, जिनमें एक नाबालिग था और एक आरोपी ने जेल में आत्महत्या कर ली थी। चार दोषियों—मुकेश सिंह,

Satyam Tripathi