हरक सिंह रावत ने कहा- मेरे चेले आज मंत्री और मुख्यमंत्री बने
कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने शुक्रवार को देहरादून स्थित कांग्रेस मुख्यालय में कहा कि उनके चेले आज मंत्री और मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हो या भाजपा, दोनों में उनके कई करीबी लोग हैं।
पुराने राजनीतिक संबंध
हरक सिंह रावत ने राम सिंह कैड़ा, धन सिंह रावत, भरत सिंह चौधरी और प्रदीप बत्रा समेत कई नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि ये लोग किसी न किसी दौर में उनके साथ राजनीतिक रूप से जुड़े रहे हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के साथ भी अपने पुराने संबंधों का जिक्र किया।
दिल्ली मुलाकात के बाद बयान
हरक का यह बयान गुरुवार को दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात के अगले दिन सामने आया। शुक्रवार को देहरादून कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे हरक ने अपने राजनीतिक अनुभव, पुराने संबंधों और वरिष्ठता को लेकर कई बातें कहीं।
चार अहम बातें
चेले मंत्री और मुख्यमंत्री बने
हरक सिंह रावत ने कहा कि उनके कई चेले आज बड़े पदों पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने राम सिंह कैड़ा, धन सिंह रावत, भरत सिंह चौधरी और प्रदीप बत्रा का नाम लिया। ये नेता अलग-अलग दौर में उनके साथ राजनीतिक रूप से जुड़े रहे।
दोनों पार्टियों में रिश्ते
हरक ने कहा कि उनके राजनीतिक रिश्ते किसी एक पार्टी तक सीमित नहीं रहे। कांग्रेस और भाजपा दोनों में कई नेता उनके संपर्क में रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को अपना छोटा भाई बताया।
वरिष्ठता का दावा
हरक ने कहा कि उनका अनुभव उत्तर प्रदेश के दौर से जुड़ा है और वह वहां मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक की वरिष्ठता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पुराने दौर के कई वरिष्ठ नेता अब सक्रिय राजनीति में नहीं हैं या उनका निधन हो चुका है।
चुटीला अंदाज
हरक सिंह रावत ने अपनी उम्र और राजनीतिक वरिष्ठता पर कहा- बुड्ढा हो गया समझो। यह बात उन्होंने मंत्री पद की सीनियरिटी के संदर्भ में कही।
संगठनात्मक जिम्मेदारी
हरक फिलहाल उत्तराखंड कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं। कांग्रेस ने 11 नवंबर 2025 को संगठनात्मक फेरबदल के दौरान उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी थी। गणेश गोदियाल को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और प्रीतम सिंह को प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की चुनावी रणनीति में इन नेताओं की अहम भूमिका मानी जा रही है।
Sachin Saxena