यूपी विधानसभा चुनाव: भाजपा ने सीएम योगी को टिकट और रणनीति की कमान सौंपी
भाजपा ने लोकसभा चुनाव से सबक लेते हुए 2027 विधानसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में बड़ा फैसला किया है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फ्री हैंड दिया है। टिकट बांटने से लेकर पूरी रणनीति तय करने तक की कमान सीधे सीएम योगी के पास होगी।
टिकट बंटवारे की प्रक्रिया
भाजपा टिकट बंटवारे के लिए कोर कमेटी बनाएगी। इसमें प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार, महेंद्र कुमार और दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक प्रत्याशियों के नामों पर विचार करेंगे। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का होगा।
सहयोगी दलों से सीटों का बंटवारा
अपना दल (एस), आरएलडी, निषाद पार्टी और सुभासपा के साथ सीटों के बंटवारे पर अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व ही लेगा। यूपी भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े के मुख्यमंत्री योगी से अच्छे संबंध हैं। विधानसभा चुनाव में बेहतर तालमेल के लिए उन्हें यूपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एमएलसी चुनाव की कमान
विधान परिषद की शिक्षक-स्नातक क्षेत्र की 11 सीटों के चुनाव की कमान भी सीएम योगी संभाल रहे हैं। जिन 6 सीटों पर प्रत्याशी घोषित होने हैं, वहां उम्मीदवार तय करने के लिए योगी ने मानदंड रखा है। जिस दावेदार ने जितने ज्यादा वोटर बनवाए हैं, टिकट का हकदार वही होगा। वाराणसी खंड और प्रयागराज-झांसी सीटों पर सीएम की नजर है। ये सीटें फिलहाल समाजवादी पार्टी के पास हैं। वाराणसी की दोनों सीटों को योगी हर हाल में सपा से वापस छीनना चाहते हैं।
बगावत रोकने की रणनीति
भाजपा के शुरुआती आंतरिक सर्वे में पार्टी को 190 से 205 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। पार्टी को डर है कि अगर ज्यादा विधायकों के टिकट काटे गए तो वे सपा, कांग्रेस या बसपा में शामिल होकर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए जिन विधायकों के खिलाफ माहौल है, लेकिन उनका सियासी नुकसान ज्यादा हो सकता है, उन्हें दूसरी सुरक्षित सीटों पर भेजा जाएगा। कमजोर और गैर-प्रभावशाली विधायकों के टिकट काटे जाएंगे।
Bhavanesh Soni