राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी का आरोप लगाया

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राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी का आरोप लगाया

राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी के आरोप लगाए

प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्य बिंदु

राहुल गांधी ने गुरुवार को 55 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने वोटर लिस्ट से संबंधित गड़बड़ी कर वोट चोरी की है। उन्होंने उन्हें देशद्रोही कहा और बताया कि उन्होंने उनकी नियुक्ति का विरोध किया था, पर सरकार ने उसकी बात नहीं मानी।

कॉन्फ्रेंस में राहुल ने 2025 में SIR पर तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस की बात की, जहाँ उन्होंने चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया था। उन्होंने आयोग को सरकार की ‘B टीम’ भी कहा।

उन्होंने चार सवालों के जवाब दिए, जिनमें उन्होंने बताया कि 1977 में इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री होने पर भी वोट चोरी का संदेह बढ़ता गया, और उन्होंने 7 साल की उम्र से ही इस पर काम शुरू किया।

प्रेजेंटेशन में राहुल ने तीन स्लाइड दिखाईं: पहली में 19 तस्वीरें, जिनमें पीएम मोदी, गृह मंत्री शाह आदि दिखाए गए; दूसरी में देशद्रोहियों को सजा मिलने का आग्रह; तीसरी में अमित शाह के 14‑30 साल तक सरकार रहने के बयान और मोदी के ‘400 पार’ वाले बयान दिखाए।

चुनाव आयोग और अन्य आयुक्तों के आपत्तियाँ

चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई। इन आपत्तियों में वोटर लिस्ट, Form‑6, नए वोटर, और वोटर डेटाबेस से जुड़े मुद्दे शामिल थे।

संधू और जोशी ने आरोप लगाया कि आयोग के कई फैसले और आदेश उनकी जानकारी के बिना लिए और जारी किए गए, और कुछ कदमों को ‘अनधिकृत और गैरकानूनी’ बताया।

SIR में 13 करोड़ से अधिक नाम कटे, जून 2025 में बिहार से शुरू होकर 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक पहुँच गया।

Form‑6 में नया सवाल जोड़ा गया था, जिसमें पूछा गया कि क्या आवेदक या उसके माता‑पिता/दादा‑दादी का नाम पिछली SIR वाली वोटर लिस्ट में था। यह सवाल जवाब न देने पर प्रोसेस आगे नहीं बढ़ती।

वोटर डेटाबेस के नियंत्रण पर सवाल उठाए गए, जहाँ चुनाव आयोग के अनुसार वोटर लिस्ट तैयार करने की जिम्मेदारी विधानसभा स्तर के ERO की होती है, पर संधू और जोशी ने पूछा कि क्या ERO की वोटर डेटाबेस तक पहुँच धीरे‑धीरे सीमित की जा रही है।

पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान 60 लाख वोटरों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिली, जिसके बाद 27 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हटाए गए नामों और दोबारा जोड़े गए नामों को लेकर 38 लाख अपीलें ट्रिब्यूनल के सामने पहुंचीं।

गोवा में SIR के दौरान सॉफ्टवेयर ने कुछ वोटरों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी दिखाई, जिसके बाद 97 योग्य वोटर अंतिम लिस्ट में शामिल नहीं हो सके।

संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्त होते हैं। 2023 के कानून के अनुसार आयोग को सर्वसम्मति से फैसले लेने चाहिए, और मतभेद होने पर फैसला बहुमत से होता है।

राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पीएम मोदी ने नियुक्त किया था और उनके खिलाफ लिखे गए पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, क्योंकि पीएम और शाह उन्हें बचाते हैं।

Janmejay Chaturvedi