हरप्रीत सिंह भाटिया ने मध्य प्रदेश टीम छोड़ी
मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम के अनुभवी और स्टार बल्लेबाज हरप्रीत सिंह भाटिया ने अचानक टीम का साथ छोड़ दिया है। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान ही टीम से अलग होने का निर्णय लिया और आधिकारिक रूप से एमपीसीए से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल कर लिया।
विजय हजारे ट्रॉफी के बीच लिया बड़ा फैसला
बीसीसीआई के प्रमुख घरेलू वनडे टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी के बीच हरप्रीत ने मध्य प्रदेश टीम से हटने का फैसला किया। इसके बाद वे अपने घर लौट गए। इस कदम से टीम मैनेजमेंट और प्रशंसक दोनों हैरान हैं, क्योंकि वे पिछले लंबे समय से एमपी के भरोसेमंद बल्लेबाज रहे हैं।
दूसरे देश से टी-20 विश्व कप खेलने की संभावना
एमपीसीए सूत्रों के अनुसार, हरप्रीत अब किसी दूसरे देश की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने की तैयारी कर सकते हैं। टी-20 विश्व कप 7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत और श्रीलंका में आयोजित होना है। माना जा रहा है कि किसी विदेशी बोर्ड ने उन्हें प्रस्ताव दिया है और अगर अनुबंध पूरा हो जाता है तो वे आगामी विश्व कप में नए देश की जर्सी में दिखाई दे सकते हैं।
आईपीएल और टीम इंडिया में अनदेखी से निराशा
हरप्रीत ने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद न तो उन्हें आईपीएल नीलामी में खरीदार मिले और न ही भारतीय राष्ट्रीय टीम में मौका मिल पाया। इस बार भी आईपीएल नीलामी में उनका नाम सूची में नहीं था। बताया जा रहा है कि इसी लगातार अनदेखी से वे निराश हुए और नए मौके तलाशने का फैसला किया।
मुश्ताक अली ट्रॉफी में बेहतरीन फॉर्म
हाल के सीजन में हरप्रीत ने मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार बल्लेबाजी की। झारखंड के खिलाफ उन्होंने नाबाद 77 रन, गोवा के खिलाफ नाबाद 80 रन और चंडीगढ़ के खिलाफ 48 रन बनाए थे। इसके बावजूद उन्हें मुख्य टी-20 लीगों में जगह नहीं मिली, जबकि उन्होंने पहले कोलकाता नाइट राइडर्स, पंजाब किंग्स और पुणे वॉरियर्स के लिए खेला है।
कप्तानी और जूनियर टीम का अनुभव
हरप्रीत ने चार साल तक छत्तीसगढ़ की टीम की कप्तानी की और क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में नेतृत्व किया। इसके अलावा वे लंबे समय तक मध्य प्रदेश की वनडे टीम के कप्तान रहे। मौजूदा सत्र में नियमित कप्तान रजत पाटीदार की गैरमौजूदगी में भी उन्होंने टीम की कमान संभाली।
साल 2009 में उन्हें भारतीय अंडर-19 टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया था। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने 52.40 की औसत से 262 रन बनाए और इसके बाद न्यूजीलैंड में खेले गए अंडर-19 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई। उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी मध्य प्रदेश के लिए पदार्पण किया था।
छत्तीसगढ़ से लौटकर फिर मध्य प्रदेश
साल 2016 में जब छत्तीसगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन को बीसीसीआई से मान्यता मिली तो हरप्रीत वहां की टीम से जुड़ गए और लंबे समय तक कप्तान रहे। बाद में वे वापस मध्य प्रदेश की टीम में शामिल हुए और एक बार फिर महत्वपूर्ण बल्लेबाज और नेता की भूमिका निभाई।
नए अध्याय की ओर बढ़ता करियर
हरप्रीत सिंह भाटिया का भारतीय घरेलू क्रिकेट सफर उपलब्धियों से भरा रहा है, लेकिन लगातार चयन संबंधी निराशाओं ने उनकी राह बदल दी है। अब वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी अन्य देश का प्रतिनिधित्व कर अपने करियर का नया अध्याय शुरू कर सकते हैं। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि वे किस देश की ओर रुख करते हैं, लेकिन फिलहाल उनके मध्य प्रदेश टीम छोड़ने से घरेलू क्रिकेट में एक बड़ा बदलाव नजर आ रहा है।
Adarsh Chaurasiya