इंदौर में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव और गीता भवन का लोकार्पण
मध्यप्रदेश में गीता जयंती 1 दिसंबर 2025 को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के रूप में भव्य स्तर पर मनाई जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। आयोजन का उद्देश्य समाज में ज्ञान, कर्तव्य, अनुशासन और सकारात्मकता का वातावरण बनाना बताया गया है।
राज्यभर में लाखों गीताभक्तों की सहभागिता
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के तहत मध्यप्रदेश के 313 विकासखंड, 55 जिला मुख्यालय और 10 संभागों में आचार्यों की सन्निधि में तीन लाख से अधिक गीताभक्तों द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ किया जाएगा। इन सभी स्थानों पर स्थानीय स्तर पर गीता जयंती से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इंदौर में पहले गीता भवन का लोकार्पण
इंदौर के राजवाड़ा स्थित गोपाल मंदिर में मध्यप्रदेश के पहले गीता भवन का लोकार्पण किया जाएगा। इस लोकार्पण कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। गीता भवन का निर्माण इंदौर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत किया गया है।
गीता भवन में 550 सीटों की क्षमता वाला एक सुंदर सभागृह बनाया गया है, जहां धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। इसके साथ ही यहां 100 से अधिक नागरिकों के बैठने की क्षमता वाली विशेष लाइब्रेरी तैयार की गई है, जिसमें केवल श्रीकृष्ण और भगवद्गीता से जुड़ी पुस्तकें रखी जाएंगी।
गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा
राज्य में 16 से 28 नवंबर 2025 तक श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इंदौर में गीता भवन के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान इस प्रतियोगिता के विजेताओं के नामों की घोषणा की जाएगी। विजेताओं को पुरस्कारों का वितरण गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी 2026 को किया जाएगा।
सामूहिक गीता पाठ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
इंदौर में गीता महोत्सव के अवसर पर बास्केटबॉल क्लब में सुबह 10 बजे 5100 गीतानुरागियों द्वारा सामूहिक गीता पाठ किया जाएगा। शाम 6 बजे राजवाड़ा स्थित गोपाल मंदिर के गीता भवन का लोकार्पण किया जाएगा।
महोत्सव के दौरान संजीव मालवीय द्वारा निर्देशित नृत्य नाटिका ‘कृष्णायन’ की प्रस्तुति की जाएगी। इसके अलावा गीता जयंती पर श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन होगा और स्कूली बच्चे गीता का पाठ करेंगे।
महोत्सव की वैचारिक पृष्ठभूमि
वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि गीता जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव भव्य रूप से मनाया जा रहा है। उनके अनुसार, गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला ग्रंथ है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह महोत्सव समाज में ज्ञान, कर्तव्य भावना, अनुशासन और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का माध्यम बनेगा।
L. N. Bhargava