जालौन में अवैध खनन पर डिजिटल निगरानी: DM ने माइनिंग कमांड सेंटर का औचक निरीक्षण कर दिए निर्देश
जालौन में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और खनिज संपदा के संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी क्रम में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित खनन कार्यालय में स्थापित माइनिंग कमांड सेंटर का औचक निरीक्षण किया।
निगरानी प्रणाली का गहन परीक्षण
निरीक्षण के दौरान उन्होंने डिजिटल निगरानी प्रणाली, सीसीटीवी मॉनिटरिंग, जीपीएस आधारित वाहनों की ट्रैकिंग, ऑनलाइन डेटा विश्लेषण तथा खनन गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्था का गहन परीक्षण किया।
अधिकारियों को दिए महत्वपूर्ण निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कमांड सेंटर की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए कि जनपद में संचालित प्रत्येक वैध खनन पट्टे की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे प्रभावी निगरानी रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी पट्टे में निर्धारित सीमा से बाहर खनन, ओवरलोडिंग, बिना वैध प्रपत्रों के खनिज परिवहन अथवा अन्य किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आधुनिक तकनीक का उद्देश्य
जिलाधिकारी ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उद्देश्य केवल गतिविधियों पर नजर रखना नहीं, बल्कि अवैध खनन को समय रहते रोकना और उस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि माइनिंग कमांड सेंटर से प्राप्त होने वाली प्रत्येक सूचना का त्वरित विश्लेषण किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच कराई जाए। यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया जाए तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
24×7 सक्रियता और समन्वय पर जोर
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि माइनिंग कमांड सेंटर को 24×7 सक्रिय रखा जाए तथा खनन, राजस्व, पुलिस और परिवहन विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि अवैध खनन एवं अवैध परिवहन की हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि खनिज संपदा की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
Adarsh Chaurasiya