जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत पर न्यायिक जांच की मांग
मध्य प्रदेश और राजस्थान के नेता प्रतिपक्षों ने दिल्ली में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत पर सरकार को घेरा। मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि यह मामला करप्शन और कमीशन से जुड़ा है। उन्होंने छिंदवाड़ा जिले के परासिया में 15 बच्चों की मौत का हवाला देते हुए न्यायिक जांच की मांग की।
सरकार पर गंभीर आरोप
परासिया के विधायक सोहन लाल बाल्मीकि ने कहा कि सरकार छोटे मामलों में लोगों के घरों पर बुलडोजर चला देती है, लेकिन बच्चों की मौत के जिम्मेदार स्वास्थ्य मंत्री पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से इस मामले की जिम्मेदारी लेने को कहा।
आईसीएमआर और लापरवाही के आरोप
आईसीएमआर की टीम ने सैंपल लेकर जांच की, लेकिन एक महीने बाद भी रिपोर्ट नहीं आई। उमंग सिंघार ने कहा कि समय पर ध्यान दिया जाता तो बच्चों की मौतें रोकी जा सकती थीं।
मदद और राहत की मांग
सिंघार ने मांग की कि इलाज में खर्च हुए पैसे सरकार वापस करे और पीड़ित परिवारों को नौकरी दी जाए। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की न्यायिक जांच के लिए याचिका दायर की गई है।