केंद्रीय कृषि मंत्री ने 'राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन' का शुभारंभ किया
नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूसा स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में दो दिवसीय 'राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन - खरीफ अभियान 2026' का शुभारंभ किया। सम्मेलन के पहले दिन खेती-किसानी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने गहन चर्चा की। दूसरे दिन राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ खरीफ फसल की तैयारियों और रणनीति पर विस्तृत रोडमैप तैयार किया जाएगा।
किसानों की सराहना और खाद्य सुरक्षा पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने "वन नेशन, वन एग्रीकल्चर, वन टीम" की भावना पर बल देते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बावजूद किसानों ने रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन कर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा, "मैं देश के अन्नदाताओं को हृदय से प्रणाम करता हूं।" इस वर्ष कुल खाद्यान्न उत्पादन 3,765.63 लाख टन अनुमानित है, जो पिछले वर्ष से 188 लाख टन अधिक है। उन्होंने किसानों, वैज्ञानिकों और अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि 140 करोड़ लोगों वाला देश भोजन के लिए दुनिया पर निर्भर नहीं रह सकता, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना किसानों की जिम्मेदारी है।
राज्यों की भूमिका और अल नीनो पर विचार
मंत्री ने योजनाओं को लागू करने में राज्यों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि यह सरकारी नौकरी सिर्फ वेतन कमाने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी बदलने और देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। अल नीनो को लेकर उन्होंने कहा कि अभी घबराने की आवश्यकता नहीं है, यह केवल अटकलें हैं और जैसी परिस्थिति होगी, उसी के अनुसार कार्य किया जाएगा।
अधिकारियों के लिए सख्ती का संदेश
शिवराज सिंह चौहान ने सख्ती का संदेश देते हुए कहा कि जो अधिकारी उत्पादन बढ़ाने के इस सम्मेलन में शामिल नहीं होते, वे अपने पद के योग्य नहीं हैं और उन्हें तत्काल हटा दिया जाना चाहिए। सम्मेलन में खेती की उन्नति, किसानों की आय दोगुनी करने और भारत को विकसित तथा आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प दोहराया गया।
Adarsh Chaurasiya