जयपुर के ताज आमेर होटल में कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की शाही शादी
वृंदावन, मथुरा के प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की शादी जयपुर के ताज आमेर होटल में बड़े पारंपरिक और धार्मिक माहौल में संपन्न हो रही है। समारोह में वैदिक रीति-रिवाज, संत-समाज की उपस्थिति और वीआईपी मेहमानों की संभावित भागीदारी इसे खास बना रही है।
वैदिक विधि से शुरू हुई मुख्य विवाह रस्में
होटल के जयगढ़ लॉन में तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर विशेष मंडप सजाया गया है, जहां सुबह से ही 100 से अधिक पंडित मंत्रोच्चार कर रहे हैं। करीब 11:15 बजे मंडप में पहुंचे इंद्रेश उपाध्याय ने सबसे पहले मंडप को प्रणाम किया और सभी पंडितों से आशीर्वाद लिया।
इंद्रेश उपाध्याय हाथ में चांदी की छड़ी लिए नजर आए और विवाह मंडप में ठाकुर जी की प्रतिमा को ऊंचे आसन पर विराजमान किया गया। वैदिक परंपरा के अनुसार वे हरियाणा के यमुनानगर की रहने वाली शिप्रा शर्मा के साथ सात फेरे लेंगे।
सेहराबंदी, बारात और शाम के कार्यक्रम
सुबह 8:30 बजे होटल की लॉबी में सेहराबंदी की रस्म पूरी की गई, जिसके बाद बारात निकली। दिन भर धार्मिक और पारंपरिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा और शाम को जयमाला व आशीर्वाद समारोह आयोजित किया जाना है।
संत-समाज और वीआईपी मेहमानों की मौजूदगी
शादी में भाग लेने के लिए भागवत प्रभु और देवी चित्रलेखा सुबह ही जयपुर पहुंच चुके हैं। जानकारी के अनुसार समारोह में लगभग 500 वीआईपी मेहमान शामिल होने वाले हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई नेताओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
संत-समाज की बात करें तो पंडित धीरेंद्र शास्त्री, अनिरुद्धाचार्य समेत कई प्रसिद्ध साधु-संतों के भी शामिल होने की जानकारी सामने आई है, जिससे यह विवाह समारोह धार्मिक और सामाजिक रूप से और अधिक चर्चित हो गया है।
मेहंदी, हल्दी और संगीत की रंगीन रात
मुख्य विवाह दिवस से पहले गुरुवार को मेहंदी और हल्दी की रस्में संपन्न हुईं। इस दौरान इंद्रेश उपाध्याय की मंगेतर शिप्रा शर्मा ने खुद उनके हाथों पर मेहंदी लगाई। इसी अवसर पर दोनों पहली बार सार्वजनिक रूप से साथ नजर आए।
मेहंदी के बाद लगन कार्यक्रम रखा गया, जबकि रात को संगीत समारोह हुआ। संगीत में इंद्रेश उपाध्याय के माता-पिता ने स्टेज पर नृत्य कर सबका ध्यान खींचा। कार्यक्रम में बॉलीवुड सिंगर बी प्राक ने भी जोरदार प्रस्तुति दी और खुद भी डांस करते नजर आए।
वृंदावन से जयपुर तक का उत्सवी सफर
इस विवाह से जुड़ी रस्में वृंदावन में निकासी के साथ शुरू हुई थीं, जहां इंद्रेश उपाध्याय शेरवानी और हाथ में चांदी की छड़ी के साथ परंपरागत अंदाज में दिखे। इसके बाद जयपुर पहुंचकर ताज आमेर होटल में मेहंदी, हल्दी, संगीत और अब मुख्य विवाह समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।
समारोह का महत्व और निष्कर्ष
इंद्रेश उपाध्याय और शिप्रा शर्मा का यह विवाह न केवल एक निजी पारिवारिक उत्सव है, बल्कि संत-समाज, धार्मिक परंपरा और आधुनिक समारोह शैली का संगम भी बन गया है। वैदिक मंत्रोच्चार, भव्य सजावट, संतों की मौजूदगी और संभावित राजनीतिक हस्तियों की शिरकत ने इसे विशेष पहचान दी है।
जयपुर में चल रहे इस भव्य विवाह समारोह ने वृंदावन के कथावाचक के जीवन के नए अध्याय की शुरुआत के साथ-साथ धार्मिक और सामाजिक जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
Vivek Singh