कांग्रेस नेता अजय सिंह की मध्य प्रदेश में राजनीतिक सक्रियता
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अभी पौने तीन साल बाकी हैं, लेकिन कांग्रेस के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष और सीधी जिले की चुरहट सीट से सात बार के कांग्रेस विधायक अजय सिंह "राहुल" इन दिनों प्रदेश भर में सघन दौरे पर हैं। उन्होंने अपने पारंपरिक विंध्य क्षेत्र से बाहर निकलकर चंबल और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाई है।
चंबल और बुंदेलखंड में सघन संपर्क अभियान
अजय सिंह ने बीते फरवरी में चार दिनों तक चंबल अंचल का दौरा किया, जहां उन्होंने पुराने कांग्रेसियों से मुलाकात की। अब वे बुंदेलखंड का दौरा कर रहे हैं और वहां भी पुराने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं। उनके इन दौरों का उद्देश्य उन कांग्रेसियों को फिर से सक्रिय करना है जो किन्ही कारणों से घर पर बैठे हैं या निष्क्रिय हो गए हैं। वे मंचीय कार्यक्रमों के बजाय जिला कांग्रेस कार्यालयों में कार्यकर्ताओं से मेल-मुलाकातें कर रहे हैं और उनके घरों पर जाकर उनसे संपर्क साध रहे हैं। अजय सिंह ने यह भी बताया कि वे अपने पिता स्वर्गीय अर्जुन सिंह से जुड़े पुराने कांग्रेसियों से खास तौर पर मिल रहे हैं।
भविष्य की रणनीति और 2028 का लक्ष्य
अपनी सक्रियता के दौरान अजय सिंह के बयानों से उनकी आगामी राजनीतिक रणनीति साफ झलकती है। निवाड़ी में मीडिया से चर्चा में उन्होंने खुद को "फुर्सत में" बताया और कहा कि वे कांग्रेस को मजबूत करने के लिए यह यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रत्येक नेता का अपना एक क्षेत्र होता है, लेकिन अब समय आ गया है कि विभिन्न क्षेत्रों के बीच रिश्तेदारियां बढ़ें।
माला न पहनने का संकल्प और 2028 में कांग्रेस सरकार का दावा
टीकमगढ़ में अजय सिंह ने याद दिलाया कि 2018 में भी उन्होंने पूरे प्रदेश में यात्रा निकाली थी और उस दौरान माला न पहनने का फैसला लिया था, जिसके बाद कांग्रेस की सरकार बनी थी। उन्होंने कहा कि वह सरकार पूरी नहीं चल सकी, जिसकी वजहें अलग थीं। इस बार भी उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान माला न पहनने का फैसला लिया है। अजय सिंह ने विश्वास जताया कि 2028 में फिर कांग्रेस की सरकार बनेगी और इस बार वह पूरे 5 साल चलेगी भी।
Pushpendra Chaubey