कांग्रेस विधायक के हिन्दू सम्मेलन में जाने पर बवाल, पत्नी का वीडियो जवाब

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कांग्रेस विधायक के हिन्दू सम्मेलन में जाने पर बवाल, पत्नी का वीडियो जवाब

हिन्दू सम्मेलन में कांग्रेस विधायक की मौजूदगी पर कांग्रेस में विवाद

मध्य प्रदेश के हरदा जिले की टिमरनी विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह के हिन्दू सम्मेलन में शामिल होने को लेकर कांग्रेस के भीतर मतभेद सामने आए हैं। यह सम्मेलन 17 जनवरी को रहटगांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के मौके पर आयोजित कार्यक्रमों के संदर्भ में हुआ था।

कांग्रेस प्रवक्ता ने विधायक की भागीदारी पर उठाए सवाल

हरदा जिला कांग्रेस के प्रवक्ता आदित्य गार्गव ने विधायक अभिजीत शाह के इस सम्मेलन में जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आरएसएस अपने शताब्दी वर्ष पूर्ण होने पर पूरे देश में हिन्दू सम्मेलन आयोजित कर रहा है और कांग्रेस की विचारधारा मूल रूप से धर्मनिरपेक्ष है।

गार्गव के अनुसार, अभिजीत शाह कांग्रेस के टिकट पर टिमरनी से चुनाव जीते हैं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मेहनत से उन्हें जनादेश मिला है। ऐसे में उनका आरएसएस द्वारा प्रायोजित माने जा रहे हिन्दू सम्मेलन में शामिल होना कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष से की है और मांग की है कि विधायक पर तत्काल कार्रवाई हो, ताकि कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ सके और पार्टी के भीतर बैठे तथाकथित स्लीपर सामने आ सकें।

गांधी बनाम गोडसे की विचारधारा का सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता आदित्य गार्गव ने यह भी कहा कि विधायक को स्पष्ट करना चाहिए कि वे महात्मा गांधी, सरदार पटेल और जवाहरलाल नेहरू की विचारधारा के साथ हैं या फिर आरएसएस के सम्मेलन में भाग लेकर वे गोडसेवादी विचारधारा के साथ खड़े दिख रहे हैं। उनके मुताबिक, कांग्रेस के टिकट पर जीतने के बाद ऐसे कार्यक्रम में जाना कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए निराशाजनक संदेश है।

विवाद पर चुप रहे विधायक, पत्नी पलक शाह ने दिया जवाब

अभिजीत शाह ने स्वयं इस विवाद पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की, लेकिन उनकी पत्नी पलक अभिजीत शाह ने एक वीडियो जारी कर कांग्रेस प्रवक्ता के आरोपों का जवाब दिया।

पलक शाह ने कहा कि जिस सम्मेलन में अभिजीत शाह शामिल हुए, वह सर्व हिन्दू समाज का कार्यक्रम था, न कि किसी राजनीतिक दल या आरएसएस के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सम्मेलन किसी पार्टी चिन्ह के तहत नहीं हुआ और यह कार्यक्रम विधायक की ही विधानसभा क्षेत्र में आयोजित था, इसलिए वे सम्मानपूर्वक वहां गए। उनके अनुसार, विधायक का वहां जाना सराहनीय कदम था।

कांग्रेस प्रवक्ता पर पलटवार और कांग्रेस की छवि की बात

पलक शाह ने आदित्य गार्गव द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस सोशल मीडिया वॉल पर प्रवक्ता ने वीडियो डाला, उसके कमेंट सेक्शन में लोगों ने इस वीडियो की निंदा की है और इसे कांग्रेस को गैर हिन्दू या हिन्दू विरोधी पार्टी के रूप में पेश करने वाला बताया है।

उन्होंने कांग्रेस का बचाव करते हुए कहा कि पार्टी के कई महत्वपूर्ण नेता हिन्दू और हिन्दुत्व को बढ़ावा देने वाले आयोजनों में शामिल होते रहे हैं। उदाहरण के रूप में उन्होंने स्वर्गीय राजीव गांधी का उल्लेख किया, जिनके बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने राम मंदिर में ताला तुड़वाकर आरती कराई थी। पलक शाह ने कहा कि वे स्वयं हिन्दू हैं और हिन्दुओं के कार्यक्रम में जाना कोई अपराध नहीं है।

उन्होंने प्रवक्ता से निवेदन किया कि वे ऐसी मानसिकता लोगों के मन में न बोएं और यह भी कहा कि राहुल गांधी की विचारधारा के नाम पर विधायक पर सवाल उठाना पार्टी को ही नुकसान पहुंचा रहा है, विधायक की छवि को नहीं।

राज्य कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की प्रतिक्रिया

मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से जब कांग्रेस विधायक के हिन्दू सम्मेलन में शामिल होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह मामला उनकी जानकारी में नहीं है।

साथ ही, उन्होंने आरएसएस और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आरएसएस लोगों को गुमराह कर रही है और भाजपा एक तरफ हिन्दुओं के एकजुट होने की बात करती है, जबकि दूसरी ओर जहरीले पानी और कफ सिरप जैसी समस्याओं से हिन्दू बच्चों और नागरिकों की मौत हो रही है। उनके अनुसार, बेरोजगारी और आम नागरिकों की समस्याएं असली मुद्दे हैं, न कि हिन्दू-मुस्लिम का सवाल, और ऐसे सम्मेलनों के जरिए इन मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है।

विवाद का निष्कर्ष

कुल मिलाकर, रहटगांव में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह की उपस्थिति से हरदा जिला कांग्रेस में मतभेद उभरकर सामने आए हैं। एक ओर जिला कांग्रेस प्रवक्ता इसे पार्टी की धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के विपरीत मानते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर विधायक की पत्नी इसे सर्व हिन्दू समाज का गैर राजनीतिक कार्यक्रम बताकर बचाव कर रही हैं। प्रदेश नेतृत्व ने फिलहाल इस मुद्दे पर सीमित प्रतिक्रिया ही दी है और मामला संगठन के अंदरूनी विमर्श का विषय बना हुआ है।

Sharad Shrivastava