काशी में स्थापित हुई देश की तीसरी वैदिक घड़ी
भारतीय कालगणना पर आधारित 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित कर दी गई है। उज्जैन और मुख्यमंत्री निवास के बाद यह देश की तीसरी ऐसी स्थापना है। इसका अगला इंस्टॉलेशन अयोध्या के राम मंदिर में होगा। इसके बाद महाकाल समेत सभी ज्योतिर्लिंगों और प्रमुख मंदिरों में इसे लगाने की योजना है।
मुख्यमंत्री की पहल और स्थापना
यह घड़ी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर लगाई गई है। 3 अप्रैल को उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट किया था, जिसके बाद 4 अप्रैल 2026 को विधि-विधान से स्थापना की गई। मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी के अनुसार, 100 से अधिक वैदिक टेबल घड़ियां विभिन्न दूतावासों और केंद्रीय मंत्रियों को दी जा चुकी हैं। अब हाथ की घड़ी विकसित करने की भी तैयारी चल रही है।
कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाएं
यह वैदिक घड़ी सूर्योदय से चलना शुरू करती है और दिन को 30 मुहूर्त में बांटती है। इसका उद्देश्य प्राचीन भारतीय काल-निर्धारण प्रणाली को आधुनिक संदर्भ में प्रस्तुत करना है। इस परियोजना के तहत भविष्य में व्यक्तिगत उपयोग के लिए वैदिक हाथ की घड़ियां बनाने की भी योजना है, जो भारतीय वैदिक परंपराओं को पुनर्जीवित करने में सहायक होगी।
Arvind Vishwakarma