खंडवा में दुर्गा विसर्जन के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में गुरुवार को दुर्गा विसर्जन के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब ट्रैक्टर-ट्रॉली बैकवाटर में पलट गई। इस हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। मृतकों में 8 साल की बच्ची से लेकर 25 साल तक की महिलाएं शामिल हैं।
गांव में मातम और संवेदनशील स्थिति
शुक्रवार को मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया, जहां परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव में शोक का माहौल है। मृतकों के शव पंधाना सिविल अस्पताल से एम्बुलेंस के जरिए गांव लाए गए। संवेदनशील हालात को देखते हुए प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। मौके पर एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर और डीएसपी हेडक्वार्टर अनिल सिंह चौहान मौजूद रहे।
मंत्री और नेताओं का दौरा
मंत्री विजय शाह और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। मंत्री शाह ने आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करेगी। जीतू पटवारी ने हादसे पर दुख जताते हुए मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग की।
मुख्यमंत्री द्वारा मुआवजा राशि की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पाडलफाटा गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए, घायलों को 50 हजार रुपए और गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की। साथ ही, जामली गांव के लोगों द्वारा बचाव कार्य में मदद करने वाले युवाओं को पुरस्कृत करने का वादा किया।
हादसे के कारण और प्रत्यक्षदर्शियों की बयान
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली बैकवाटर में मूर्ति विसर्जन के लिए जा रही थी। ड्राइवर संतुलन खो बैठा, जिससे ट्रॉली पलट गई और उसमें सवार लोग पानी में दब गए। कुछ लोग तैरना जानते थे लेकिन ट्रॉली के नीचे फंसने के कारण बच नहीं सके।
दुखद घटना की तस्वीरें
गांव में मातम की स्थिति के बीच, परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोने का दर्द झेला। इस हादसे ने गांव के हर व्यक्ति को गहरे सदमे में डाल दिया।
निष्कर्ष
दुर्गा विसर्जन के दौरान हुए इस हादसे ने न केवल परिवारों को बल्कि पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। प्रशासन और राज्य सरकार ने मदद की घोषणाएं की हैं, लेकिन यह घटना भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को रेखांकित करती है।