मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप: नर्मदापुरम में 40 पार, 15 मार्च से बारिश का अलर्ट

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मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप: नर्मदापुरम में 40 पार, 15 मार्च से बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप: नर्मदापुरम में 40 पार, 15 मार्च से बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश इन दिनों सूरज के 'हीट अटैक' से जूझ रहा है। शुक्रवार को नर्मदापुरम में लगातार दूसरे दिन तीव्र लू का असर देखा गया, जहां दिन का तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों जैसे भोपाल में 37.8 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री और जबलपुर में 37.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

हीट स्ट्रोक का खतरा और मौसम विभाग की एडवाइजरी

तेज गर्मी की वजह से हीट स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने अपनी एडवाइजरी में लोगों को दोपहर में केवल जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। इसके अतिरिक्त, ठंडे पानी का सेवन करने और घर का तापमान कम रखने के लिए ओवन का उपयोग कम करने जैसे उपाय सुझाए गए हैं। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग में गर्मी का असर विशेष रूप से अधिक है।

मौसम में बदलाव और बारिश का अनुमान

हालांकि, आने वाले दिनों में गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने 14 मार्च को सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के कारण तीन दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। 15, 16 और 17 मार्च को प्रदेश के उत्तरी-पूर्वी हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। जिन जिलों में बारिश होगी, वहां अधिकतम और न्यूनतम तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जबकि बाकी शहरों में पारा चढ़ा रहेगा।

भोपाल में जल संकट: निजी ट्यूबवेल खनन पर रोक

मार्च महीने में ही राजधानी भोपाल को जल आभावग्रस्त घोषित कर दिया गया है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किए, जिसके तहत निजी ट्यूबवेल खनन पर तुरंत रोक लगा दी गई है। आदेश का उल्लंघन करने पर 2 साल तक की सजा का प्रावधान है और बोरवेल मशीनें भी जिले से नहीं गुजर पाएंगी। यह आदेश पिछले साल की तुलना में करीब 25 दिन पहले लागू किया गया है, जो जल संकट की गंभीरता को दर्शाता है।

गर्मी बढ़ने के प्रमुख कारण और मौसमी रुझान

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। हवा में नमी की कमी है, और रेगिस्तानी इलाकों से मध्य प्रदेश में पहुंचने वाली हवाएं अपने साथ अत्यधिक गर्मी भी ला रही हैं, जिससे तापमान में वृद्धि हो रही है। इस बार मार्च की शुरुआत में ही पारे में उछाल देखा गया है, जबकि पिछले 10 सालों में आमतौर पर मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी पड़ती थी। मार्च में दिन गर्म और रातें ठंडी रहने के साथ बारिश का भी ट्रेंड रहा है, जिससे सर्दी-जुकाम और एलर्जी जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है।

प्रमुख शहरों में मार्च का मौसमी ट्रेंड

भोपाल में मार्च में दिन में तेज गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहा है, जबकि इंदौर में दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड देखा गया है, वहीं जबलपुर में मार्च की रातें ठंडी रहती हैं। उज्जैन में दिन गर्म रहने के साथ 6 दिन बारिश का ट्रेंड भी रहा है। मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है, जहां कुछ संभागों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है।

Sachin Saxena