मध्य प्रदेश में मौसम का बदला मिजाज : 12 जिलों में आंधी-बारिश, भोपाल-इंदौर में गर्मी का असर.

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मध्य प्रदेश  में  मौसम  का  बदला मिजाज : 12 जिलों में आंधी-बारिश, भोपाल-इंदौर में गर्मी का असर.

मध्य प्रदेश में मौसम का बदला मिजाज: 12 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर में रहेगी गर्मी

मध्य प्रदेश में तेज गर्मी के बीच मौसम विभाग ने आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले चार दिनों तक प्रदेश के 12 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना है, जबकि भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों में गर्मी का असर बना रहेगा। यह इस साल मार्च में पहली बार "मावठा" (बेमौसम बारिश) गिरने का संकेत है।

इन जिलों में हो सकती है बारिश

रविवार को उत्तर और दक्षिणी हिस्से के आठ जिलों में बारिश की उम्मीद है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडोरी और बालाघाट शामिल हैं। मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) और टर्फ के कारण राज्य में मौसम बदल रहा है। 17 मार्च को एक नए पश्चिमी विक्षोभ से उत्तर-पश्चिम भारत प्रभावित होगा, जिससे बादल, बारिश, आंधी और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा। इससे कुछ इलाकों में गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है और पारा गिरेगा।

तेज गर्मी का प्रकोप

हाल के दिनों में प्रदेश में सूरज का 'हीट अटैक' जारी रहा है। भोपाल और इंदौर समेत कई जिलों में सुबह से ही तीखी धूप रही। नर्मदापुरम में पिछले दो दिनों से तीव्र लू दर्ज की गई, जहां दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। नर्मदापुरम प्रदेश में सबसे गर्म रहा, शनिवार को यहां का अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.9 डिग्री अधिक है। जबलपुर में भी तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस रहा।

प्रमुख शहरों का तापमान

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है, जिससे रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली हवाएं अपने साथ गर्मी ला रही हैं और नमी कम हो गई है।

मार्च में बीमारियों का खतरा

डॉक्टरों का मानना है कि मार्च का महीना बीमारियों के फैलने का सबसे बड़ा कारण बनता है। दिन में गर्मी बढ़ने और रात व सुबह में हल्की ठंड रहने के कारण लोग हल्के कपड़े पहन लेते हैं और शीतल पेय का सेवन करते हैं, जिससे सर्दी-जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ती है। सुबह और देर रात ठंडी हवा से बचना विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए महत्वपूर्ण है।

ऐतिहासिक मौसम पैटर्न और भविष्य का अनुमान

पिछले 10 सालों के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में मार्च में रातें ठंडी और दिन गर्म रहने का ट्रेंड रहा है, साथ ही बारिश भी होती है। इस साल भी ऐसा ही मौसम देखने को मिल रहा है। अप्रैल और मई में प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान है, इन महीनों में ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार जा सकता है। फरवरी में भी इस साल चार बार ओले और बारिश हुई थी, जिससे फसलों को नुकसान हुआ था।

Bhavanesh Soni