मध्य प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच माघ पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालु नर्मदा के घाटों पर स्नान करने पहुंच रहे हैं। इसी दौरान, प्रदेश के उत्तरी हिस्से के 15 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। श्योपुर और मुरैना में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है, जहाँ आंधी की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। अगले चार दिनों तक प्रदेश में मावठा गिरने के आसार हैं।
इन जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी
रविवार को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा और राजगढ़ में आंधी-बारिश की चेतावनी दी गई है। भोपाल, इंदौर, सागर, विदिशा, उज्जैन और रतलाम में बादल छाए रहने की संभावना है। इससे पहले छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में सुबह मध्यम कोहरा देखा गया, जबकि भोपाल और इंदौर में भी कोहरे का असर रहा।
अगले तीन दिनों का पूर्वानुमान
पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम का असर
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के सक्रिय होने के कारण यह मौसमी बदलाव आया है। इसका असर 2 से 5 फरवरी के बीच अधिक रहेगा, जिससे 10 फरवरी तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। जेट स्ट्रीम हवाओं के कारण प्रदेश में सर्द हवाएं चल रही हैं और दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
सिस्टम लौटने पर बढ़ेगी ठंड
पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी और बारिश के बाद जब यह मौसमी सिस्टम वापस लौटेगा, तब मध्य प्रदेश में ठंड का एक और दौर आने की संभावना है। इससे दिन और रात के तापमान में और गिरावट के आसार हैं। शनिवार को ग्वालियर, रीवा और दतिया में घना कोहरा छाया रहा, जबकि 20 से अधिक जिलों में मध्यम कोहरा देखा गया। न्यूनतम तापमान के लिहाज से छतरपुर का खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है।
Vivek Singh