मध्य प्रदेश में मतदाता सूची का SIR ड्राफ्ट जारी, लाखों नाम बाहर
मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के साथ ही राज्य की वोटर लिस्ट की ताज़ा तस्वीर सामने आ गई है। ड्राफ्ट के अनुसार, प्रदेश के 42.74 लाख मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में मृत, अनुपस्थित, शिफ्टेड, मल्टीपल एंट्री और नो-मैपिंग वाले मतदाता चिह्नित किए गए हैं।
जबलपुर में सबसे ज्यादा मृत मतदाता, इंदौर और भोपाल आगे
ड्राफ्ट डेटा के अनुसार मृत मतदाताओं की सूची में जबलपुर जिला सबसे ऊपर है, जहां 51,357 ऐसे वोटर्स मिले हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है लेकिन नाम सूची में दर्ज थे। इंदौर में 43,741, सागर में 36,467, भोपाल में 33,791, धार में 27,943, ग्वालियर में 27,852 और उज्जैन में 27,851 मृत मतदाताओं के नाम पाए गए हैं। सभी जिलों को मिलाकर डेथ कैटेगरी वाले वोटर्स की संख्या 8,46,184 है।
बुरहानपुर में सबसे ज्यादा मल्टीपल एंट्री के केस
एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज होने वाले मतदाताओं के मामलों में छोटा जिला बुरहानपुर बड़े शहरों से आगे निकल आया है। यहां 23,594 वोटर्स के नाम एक से अधिक जगहों पर दर्ज मिले हैं। इंदौर में 22,808, धार में 14,198, भोपाल में 14,171, उज्जैन में 14,100, जबलपुर में 13,869, सागर में 10,160 और ग्वालियर में 8,893 वोटर्स के नाम मल्टीपल एंट्री में पाए गए हैं।
शिफ्टेड और एबसेंट वोटर्स के आंकड़े
राज्य में वोटर शिफ्टिंग के मामलों में भोपाल सबसे आगे रहा, जहां 2,86,661 मतदाता शिफ्ट पाए गए। इसके बाद इंदौर में 1,97,898, ग्वालियर में 1,48,273, जबलपुर में 1,15,437 और सागर में 80,901 वोटर शिफ्ट हुए मिले। सभी जिलों को मिलाकर शिफ्टेड वोटर्स की कुल संख्या 22,78,393 है।
एबसेंट वोटर्स की रिपोर्ट के अनुसार इंदौर में सबसे ज्यादा 1,75,424 मतदाता अनुपस्थित पाए गए। भोपाल में 1,01,503, जबलपुर में 66,678 और ग्वालियर में 61,520 एबसेंट मतदाता मिले। सभी जिलों में एबसेंट वोटर्स का कुल आंकड़ा 8,42,677 है।
नो-मैपिंग कैटेगरी और 8.65 लाख मतदाताओं को नोटिस
नो-मैपिंग कैटेगरी में इंदौर जिला सबसे आगे है, जहां 1,33,696 मतदाताओं के नाम शामिल हैं। भोपाल में 1,16,925, जबलपुर में 69,394, ग्वालियर में 68,540 और उज्जैन में 48,035 मतदाताओं के नाम नो-मैपिंग सूची में हैं। पूरे प्रदेश में इस श्रेणी के मतदाताओं की संख्या 8,65,832 है।
चुनाव आयोग के मुताबिक इन्हीं 8,65,832 मतदाताओं से संपर्क नहीं हो पाया है और इनका डेटा 2003 की SIR सूची से मिलान नहीं हुआ। बुधवार से ऐसे 8.65 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। उन्हें आयोग द्वारा तय 11 दस्तावेजों में से उपयुक्त दस्तावेज बीएलओ के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे, जिसके आधार पर उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जा सकेगा।
नेटवर्क कमजोर क्षेत्रों के लिए विशेष व्यवस्था
SIR के प्रारंभिक चरण में राज्य के कमजोर या धीमे नेटवर्क वाले क्षेत्रों की पहचान की गई। इन क्षेत्रों के बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को बेहतर नेटवर्क वाले स्थानों पर एकत्रित कर गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन की सुविधा दी गई, ताकि कार्य समय पर पूरा हो सके।
युवा मतदाताओं के लिए नाम जोड़ने की सुविधा
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने बताया कि जो युवा मतदाता 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट Voters.eci.gov.in पर ऑनलाइन फॉर्म-6 भरना होगा। इच्छुक मतदाता ऑफलाइन प्रक्रिया के लिए संबंधित बीएलओ से भी संपर्क कर सकते हैं।
दावा-आपत्ति की अवधि और नाम दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया
SIR ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक दावा और आपत्ति की प्रक्रिया चलेगी। इस अवधि में वास्तविक और योग्य मतदाता अपना नाम जुड़वा सकते हैं या सूची से जुड़े मामलों पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आरपीएस जादौन के अनुसार जिन मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए हैं, उसके पीछे प्रमुख कारण तय मानकों के अनुसार हैं। फिर भी यदि कोई मतदाता आयोग के तय दस्तावेज प्रस्तुत कर देता है तो उसके नाम दोबारा जोड़े जा सकेंगे। जिन मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर पाए जाएंगे, उनका नाम अंततः केवल एक स्थान पर ही रखा जाएगा।
पुरानी और नई सूची में नाम न मिलने पर क्या करें
23 दिसंबर को ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद मतदाता दो आसान तरीकों से अपना नाम जांच सकेंगे। यदि किसी मतदाता का नाम 2003 की पुरानी सूची में था लेकिन 2025 की ड्राफ्ट सूची में नहीं है, तो भी घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ड्राफ्ट लिस्ट अंतिम नहीं होती।
यदि सत्यापन के दौरान पते पर न मिलना, डुप्लिकेशन या तकनीकी गलती जैसे कारणों से नाम हटा दिया गया है, तो मतदाता अपना नाम दोबारा जुड़वाने के लिए दावा कर सकता है। इसके लिए फॉर्म-6 भरना होगा, जिसे ऑनलाइन Voter Helpline App के माध्यम से या ऑफलाइन बीएलओ को जमा किया जा सकता है।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश में जारी SIR ड्राफ्ट से स्पष्ट हुआ है कि मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन करने के लिए बड़े पैमाने पर मृत, अनुपस्थित, मल्टीपल एंट्री और नो-मैपिंग वाले वोटर्स की पहचान की गई है। साथ ही वास्तविक और योग्य मतदाताओं के लिए दस्तावेज प्रस्तुत कर नाम दोबारा जोड़ने और नए मतदाताओं के पंजीकरण की पर्याप्त व्यवस्था भी की गई है।
Sharad Shrivastava