मध्यप्रदेश में 5-6 दिसंबर से कड़ाके की ठंड, कई शहरों में कोल्ड वेव का दौर

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मध्यप्रदेश में 5-6 दिसंबर से कड़ाके की सर्दी, शीतलहर और तापमान में गिरावट के आसार

मध्यप्रदेश में 5 या 6 दिसंबर से कड़ाके की ठंड शुरू होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस अवधि से प्रदेश के कई इलाकों में कोल्ड वेव यानी शीतलहर चलेगी और रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा सकती है।

नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और बर्फीली हवाओं का असर

मौसम विभाग के मुताबिक, 5 दिसंबर से नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसके प्रभाव से पहाड़ों पर बर्फबारी होगी, जिसके बाद वहां से चलने वाली बर्फीली हवाएं मध्‍यप्रदेश तक पहुंचेंगी। इन उत्तरी सर्द हवाओं के कारण प्रदेश में तापमान लगभग 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरने के आसार जताए गए हैं।

नवंबर की रिकॉर्ड सर्दी का असर अगले महीनों तक

इस बार नवंबर में पड़ी तेज सर्दी का असर दिसंबर, जनवरी और फरवरी तक बने रहने का अनुमान है। भोपाल में नवंबर के दौरान लगातार 15 दिन शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे अधिक है। 17 नवंबर की रात को भोपाल में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो ओवरऑल रिकॉर्ड रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 को तापमान 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। इंदौर में भी तापमान 6.4 डिग्री तक पहुंचा, जो पिछले 25 साल में सबसे कम रहा।

फिलहाल की स्थिति: कई शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे

रविवार-सोमवार की दरमियानी रात में भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के छह जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। बड़े पांच शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, जहां 8.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। भोपाल में 9.4 डिग्री, ग्वालियर और उज्जैन में 12 डिग्री तथा जबलपुर में 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में सबसे ज्यादा ठंड रही और यहां न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजगढ़ में 8.2 डिग्री, रीवा और नौगांव में 9.5 डिग्री तापमान रहा। शिवपुरी, बैतूल, खजुराहो, खंडवा, दतिया और छिंदवाड़ा में भी पारा 12 डिग्री से नीचे रहा।

दिन के तापमान में भी गिरावट, कई शहरों में ठंडा दिन

सोमवार को दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बालाघाट के मलाजखंड में अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे कम दर्ज किया गया दिन का तापमान था। पचमढ़ी और शिवपुरी में 24.2, सिवनी में 24.6, बैतूल में 24.8, नरसिंहपुर में 25, टीकमगढ़ में 25.2, जबकि भोपाल और धार में 25.6 तथा रीवा में 25.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ।

मौसम वैज्ञानिक की व्याख्या: उत्तरी बर्फबारी और हवाओं का प्रभाव

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले सप्ताह से ही बर्फबारी शुरू हो गई थी। इसी वजह से वहां से चलकर आने वाली ठंडी हवाएं समय से पहले मध्यप्रदेश पहुंचीं और सर्दी जल्दी तेज हो गई। हालांकि नवंबर के आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदलने से ठंड का असर कुछ कम दिखाई दिया।

दिसंबर-जनवरी: ठंड के लिहाज से सबसे अहम महीने

मौसम विभाग का मानना है कि जैसे मानसून के चार महीनों में जुलाई और अगस्त सबसे अहम होते हैं, उसी तरह ठंड के लिए दिसंबर और जनवरी महत्वपूर्ण हैं। इन्हीं दो महीनों में उत्तर भारत से सर्वाधिक ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश में प्रवेश करती हैं, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में अच्छी-खासी गिरावट दर्ज होती है। पिछले 10 साल के आंकड़ों में भी यही ट्रेंड सामने आया है।

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय रहने पर दिसंबर में मावठा (मौसमी वर्षा) भी होती है, जिससे दिन में भी ठंड का असर और बढ़ जाता है।

दिसंबर में संभावित ट्रेंड: स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और गिरता तापमान

मौसम के ट्रेंड के अनुसार, दिसंबर में आमतौर पर स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आते हैं। इनकी वजह से उत्तरी हवाएं मजबूत होकर चलती हैं और दिन तथा रात दोनों के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी इसी तरह की स्थिति बनने का अनुमान जताया गया है।

कोल्ड वेव का लंबा दौर: 20 से 22 दिन तक सर्द हवाएं

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि दिसंबर में प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव चलेगी और जनवरी में शीतलहर की अवधि 20 से 22 दिन तक रह सकती है। यानी कड़ाके की ठंड का दौर लंबा खिंचने की संभावना है।

कड़ाके की ठंड के प्रमुख कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार ठंड अधिक और लंबी रहने के पीछे कई कारण हैं। इनमें ला नीना की स्थिति से ठंड को मिला लंबा समर्थन, पहाड़ों पर जल्दी बर्फबारी के कारण बढ़ी ठिठुरन, सामान्य से लगभग 25 प्रतिशत अधिक अंदर तक घुसी ठंडी हवाएं तथा पश्चिमी विक्षोभ का लगातार सक्रिय रहना शामिल है।

दिसंबर में बड़े शहरों के रिकॉर्ड और ट्रेंड

भोपाल: न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री तक का रिकॉर्ड

भोपाल में दिसंबर के दौरान दिन-रात ठंड और बारिश, दोनों का ट्रेंड देखा गया है। पिछले 10 में से पिछले 5 सालों में दिसंबर महीने में यहां आधा से पौन इंच तक बारिश दर्ज की गई है। इस बार भी दिसंबर में बारिश की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

ठंड की बात करें तो 11 दिसंबर 1966 की रात में भोपाल में न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जो अब तक का ओवरऑल रिकॉर्ड है। तीन साल पहले, 2021 में भी तापमान 3.4 डिग्री तक गिरा था।

इंदौर: रात का तापमान 5 से 8 डिग्री के बीच

इंदौर में दिसंबर के दौरान रात का तापमान सामान्यतः 5 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। पिछले साल यहां न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री तक दर्ज किया गया। पिछले 10 साल के आंकड़ों के अनुसार, दिन का तापमान 28 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहता है।

दिसंबर में इंदौर में बारिश का भी ट्रेंड है और पिछले चार साल से इस महीने में बारिश दर्ज हो रही है। 31 दिसंबर 2015 को यहां दिन का सर्वाधिक तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 27 दिसंबर 1936 की रात में न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस तक गिरा था। वर्ष 1967 में दिसंबर की कुल मासिक बारिश 108.5 मिमी (लगभग 4.2 इंच) रही, जबकि 17 दिसंबर 2009 को 24 घंटे में 53 मिमी (लगभग 2.1 इंच) बारिश दर्ज हुई।

ग्वालियर: रात में बेहद कम तापमान के रिकॉर्ड

ग्वालियर में दिसंबर के दौरान दिन में अपेक्षाकृत गर्मी और रात में तेज ठंड रहती है। पिछले 10 साल में यहां अधिकतम तापमान 26.2 से 31.6 डिग्री के बीच रहा, जबकि रात में पारा 1.8 से 6.9 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

6 दिसंबर 2006 को दिन का तापमान 32.1 डिग्री तक पहुंचा था। वहीं, 26 दिसंबर 1961 को न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। वर्ष 1997 में कुल मासिक बारिश 106.6 मिमी (लगभग 4.1 इंच) दर्ज की गई और 13 दिसंबर 2013 को 24 घंटे में सर्वाधिक 32.1 मिमी (लगभग 1.2 इंच) बारिश हुई।

जबलपुर: सर्दी और दिसंबर की बारिश का पुराना ट्रेंड

जबलपुर में दिसंबर में ठंड के साथ बारिश का भी इतिहास रहा है। 28 दिसंबर 1960 को यहां दिन का अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। 28 दिसंबर 1902 की रात में न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है।

वर्ष 1885 में दिसंबर की सर्वाधिक मासिक बारिश 125 मिमी (लगभग 4.9 इंच) दर्ज की गई, जबकि 16 दिसंबर 1885 को 24 घंटे में 68.1 मिमी (लगभग 2.6 इंच) बारिश का रिकॉर्ड है।

उज्जैन: दिन में हल्की गर्माहट, रात में कड़ाके की ठंड

उज्जैन में दिसंबर में दिन का औसत तापमान 28.2 डिग्री और रात का औसत तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस रहता है। इस महीने औसतन 4.6 मिमी बारिश दर्ज होती है और पिछले पांच साल से लगातार दिसंबर में बारिश हो रही है।

18 दिसंबर 2002 को उज्जैन में दिन का तापमान 34.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। 28 दिसंबर 1968 और 29 दिसंबर 1983 को रात में न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वर्ष 1997 में कुल मासिक बारिश 119.4 मिमी (लगभग 4.7 इंच) रही और 11 दिसंबर 1967 को 24 घंटे में 35.3 मिमी (लगभग 1.3 इंच) बारिश दर्ज की गई।

निष्कर्ष: लंबा और कड़ाके की ठंड वाला सीजन

कुल मिलाकर, नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, पहाड़ों पर बर्फबारी, ला नीना की स्थिति और उत्तरी सर्द हवाओं के कारण मध्यप्रदेश में इस बार ठंड का दौर लंबा और कड़ाके का रहने की संभावना है। दिसंबर की शुरुआत से ही तापमान में और गिरावट के साथ शीतलहर का प्रभाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

L. N. Bhargava