मध्यप्रदेश में शीतलहर का असर, अगले हफ्ते फिर तेज ठंड
मध्यप्रदेश में पिछले 15 दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के कारण राज्य के कई जिलों में शीतलहर का प्रभाव देखा गया। भोपाल, इंदौर समेत सात जिलों में बीते 24 घंटे के दौरान पारा गिरा और नरसिंहपुर में दिन ठंडा रहा। कई शहरों में रात का तापमान भी नीचे चला गया।
ठंड से मौत की घटनाएं
रीवा में एक व्यक्ति की ठंड के कारण मौत हो गई, जबकि तीन दिन पहले रायसेन में एक युवक की मृत्यु हुई। हालांकि प्रशासन ने इन मौतों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन परिजनों ने ठंड को कारण बताया है।
पचमढ़ी में तापमान रिकॉर्ड
पचमढ़ी में पहली बार तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस तक गिरा। नर्मदापुरम में कोहरा छाया रहा और विजिबिलिटी 500 से 1,000 मीटर के बीच रही। भोपाल और इंदौर में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है।
मौसम विभाग का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में शीतलहर से राहत मिलने की संभावना है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि हवा के पैटर्न बदलने से ठंड थोड़ी कम हो सकती है। हालांकि, अगले हफ्ते फिर से तेज ठंड का दौर आने की उम्मीद है।
नवंबर में ठंड का रिकॉर्ड
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में नवंबर के दौरान ठंड का खासा असर देखा गया है। भोपाल में इस महीने रात का तापमान 5.2 डिग्री तक गिरा, जो नवंबर के इतिहास में अब तक का सबसे कम तापमान है। अन्य शहरों में भी न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया।
Sharad Shrivastava