मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में दूसरा अनुपूरक बजट चर्चा के लिए पेश
मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन 13,476 करोड़ 94 लाख 83 हजार 585 रुपए के दूसरे अनुपूरक बजट पर चर्चा होनी है। इस बजट को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मंगलवार को सदन में पेश किया था। गुरुवार को सदन में इस पर साढ़े तीन घंटे तक चर्चा के लिए समय निर्धारित किया गया है, जिसके बाद इसे पारित किया जाएगा।
ग्रामीण विकास पर सरकार का विशेष फोकस
मोहन सरकार ने आने वाले महीनों में ग्रामीण विकास को अपनी प्रमुख प्राथमिकता बनाया है। अनुपूरक बजट में ग्रामीण इलाकों में बनने वाले प्रधानमंत्री आवासों के लिए 4,000 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। ग्रामीण विकास विभाग के लिए इस बजट में सबसे अधिक राशि तय की गई है, जिससे गांवों में आवास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
किसान कल्याण और सहायता के लिए प्रावधान
किसानों के लिए समर्थन मूल्य पर की जाने वाली खरीदी के भुगतान को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा किसानों को आपदा राहत राशि देने के लिए 77.20 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। किसानों को भावांतर योजना का लाभ देने के लिए 500 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है, जिससे कृषि उत्पादों के उचित मूल्य में सहायता मिल सके।
महिला कल्याण और स्थानीय निकायों के लिए राशि
महिला और बाल विकास विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए 1,794 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया गया है। पंचायत विभाग के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आधार पर स्थानीय निकायों को 1,633 करोड़ रुपए अनुदान के रूप में देने का प्रावधान किया गया है। इन प्रावधानों के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक सहायता और स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है।
सदन में पूर्व दिनों का राजनीतिक माहौल
शीतकालीन सत्र के पहले दो दिनों में भी सदन में तीखी राजनीतिक बहस और हंगामा देखने को मिला। सोमवार को किसानों, न्यूनतम समर्थन मूल्य और कृषि संकट को लेकर कांग्रेस ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार से पूछा कि क्या मक्का को एमएसपी पर खरीदा जाएगा और क्या सोयाबीन की खरीद मध्यप्रदेश में भी वैसे ही दाम पर होगी, जैसे अन्य राज्यों में हो रही है।
दूसरे दिन मंगलवार को अतिवृष्टि और वीआईटी विश्वविद्यालय से जुड़ी घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने हंगामा किया। कांग्रेस विधायक खेतों में फसलों की स्थिति दर्शाती तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश का किसान कभी खाद के लिए, कभी उचित मूल्य के लिए और कभी मुआवजे के लिए भटकने को मजबूर है।
निष्कर्ष: चर्चा के बाद होगा बजट पारित
कुल मिलाकर, दूसरा अनुपूरक बजट मुख्य रूप से ग्रामीण विकास, किसानों की सहायता, प्रधानमंत्री आवास और मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना जैसे सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों पर केंद्रित है। गुरुवार को होने वाली विस्तृत चर्चा के बाद इस बजट को विधानसभा में पारित किए जाने की तैयारी है, जबकि विपक्ष किसानों और अन्य मुद्दों पर सरकार को लगातार घेरने की रणनीति पर कायम है।
Amit Pateria