मोहन भागवत बोले- भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करना जरूरी नहीं
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने गुवाहाटी में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत और हिंदू एक ही हैं, और जो भी भारत पर गर्व करता है, वह हिंदू है। भागवत ने स्पष्ट किया कि हिंदू शब्द धार्मिक नहीं है, बल्कि यह एक सभ्यता गत पहचान है जो हजारों साल की सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी है।
असम में डेमोग्राफिक चेंज पर बयान
भागवत ने असम में डेमोग्राफिक बदलाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आत्मविश्वास, सतर्कता और अपनी जमीन-संस्कृति से मजबूत लगाव बनाए रखना चाहिए। उन्होंने सभी वर्गों से निस्वार्थ भाव से मिलकर काम करने की अपील की।
पूर्वोत्तर को बताया भारत की विविधता का उदाहरण
उन्होंने पूर्वोत्तर को भारत की एकता में विविधता का बेहतरीन उदाहरण बताया। भागवत ने लचित बोरफुकन और श्रीमंत शंकरदेव जैसे व्यक्तित्वों को राष्ट्रीय महत्व का बताया और कहा कि ये सभी भारतीयों को प्रेरित करते हैं।
भागवत की आने वाली यात्रा
RSS प्रमुख मोहन भागवत तीन दिवसीय यात्रा के लिए असम की राजधानी गुवाहाटी पहुंचे हैं। बुधवार को वह एक युवा सम्मेलन को संबोधित करेंगे और इसके बाद 20 नवंबर को मणिपुर के लिए रवाना होंगे।
Janmejay Chaturvedi