मध्य प्रदेश में गहराया LPG संकट: घंटों कतार में लोग, विरोध प्रदर्शन
मध्य प्रदेश इन दिनों रसोई गैस (LPG) के गंभीर संकट से जूझ रहा है। एक ओर जहां आम आदमी घरेलू सिलेंडर के लिए धूप में घंटों इंतजार करने को मजबूर है, वहीं दूसरी ओर कॉमर्शियल सिलेंडर की कमी से होटल और रेस्तरां उद्योग पर भारी असर पड़ा है। प्रदेश के विभिन्न शहरों से किल्लत और प्रशासनिक कार्रवाई की मिली-जुली तस्वीरें सामने आ रही हैं।
राजधानी भोपाल में बिगड़ते हालात
भोपाल के जहांगीराबाद और बोगदा पुल जैसे इलाकों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। शीबा खान जैसी कई उपभोक्ताओं को बुकिंग मैसेज मिलने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं, जिसके चलते उन्हें रिश्तेदारों के यहां खाना बनाना पड़ रहा है। मोहम्मद रियाज ने तीन दिन से गैस न होने के कारण नया इंडक्शन चूल्हा खरीदा। एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि भोपाल में पिछले 6 दिनों से किसी भी होटल या रेस्टॉरेंट को एक भी कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हुई है, जिससे कई होटलों का स्टॉक खत्म हो गया है और उन्हें मेन्यू छोटा करना पड़ रहा है।
कॉमर्शियल सेक्टर पर संकट
प्रदेश भर में 50 हजार से अधिक होटल और रेस्टॉरेंट्स को पिछले 6 दिनों से कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल और इंदौर में कई छोटे भोजनालय बंद हो गए हैं, जिससे दिहाड़ी मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। शादियों में खाना बनाने के लिए डीजल भट्ठियों, लकड़ी और कोयले का उपयोग किया जा रहा है, जिससे इंडक्शन और कोयले की मांग 20% तक बढ़ गई है।
जबलपुर और मुरैना में लंबी कतारें
जबलपुर के अधारताल, गोहलपुर और रद्दी चौकी स्थित गैस एजेंसियों पर सुबह से ही भारी भीड़ जमा हो रही है। ऑनलाइन बुकिंग में तकनीकी समस्याओं के कारण लोग सीधे एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन घंटों लाइन में लगने के बाद भी बुकिंग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। मुरैना के कैलारस कस्बे में भी एचपी गैस एजेंसी के बाहर घंटों से लोग खाली सिलेंडर लिए खड़े हैं, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है।
इटारसी में कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन
पुरानी इटारसी में युवा कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई और सिलेंडर की कमी पर कटाक्ष करते हुए एक नाले में गैस पाइप डालकर चूल्हा जलाया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार समस्या का समाधान करने में नाकाम रही है और जनता वैकल्पिक इंतजाम करने को मजबूर है।
प्रशासन की कमान और राहत के प्रयास
संकट के बीच कुछ जिलों में प्रशासन ने सक्रियता दिखाई है। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने जिले में गैस का पर्याप्त स्टॉक होने का दावा किया है और अफवाहों को रोकने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया है। उज्जैन में रविवार की छुट्टी के बावजूद महाकाल गैस एजेंसी को खोलकर घरेलू गैस की आपूर्ति जारी रखी गई। इंदौर में कुछ एजेंसियां मैनुअल बुकिंग कर रही हैं और 7-8 दिनों में डिलीवरी का आश्वासन दे रही हैं, हालांकि केवाईसी प्रक्रिया और गैस पाइप खरीदने के दबाव जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं। ग्वालियर और भोपाल प्रशासन ने समस्या होने पर संपर्क करने के लिए कंट्रोल रूम नंबर भी जारी किए हैं।
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि पूरे प्रदेश में एक साथ भारी बुकिंग के कारण मुख्य सर्वर पर लोड बढ़ गया है, जिससे डिजिटल प्लेटफॉर्म सही से काम नहीं कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने सर्वर ठीक होने पर लंबित बुकिंग को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया है, लेकिन आपूर्ति कब तक सामान्य होगी, इस पर फिलहाल कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका है।
Lokendra Mishra