हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025: मुकेश अंबानी फिर बने सबसे अमीर
हुरुन रिसर्च इंस्टीट्यूट और M3M इंडिया द्वारा जारी की गई 14वीं हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 में मुकेश अंबानी और उनका परिवार एक बार फिर भारत के सबसे अमीर लोगों की सूची में शीर्ष स्थान पर हैं। उनकी कुल संपत्ति इस साल ₹9.55 लाख करोड़ आंकी गई है। अंबानी परिवार ने लगातार अपनी संपत्ति में वृद्धि करते हुए देश की शीर्ष आर्थिक स्थिति को बनाए रखा है।
गौतम अडानी दूसरे स्थान पर
गौतम अडानी और उनका परिवार इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। उनकी कुल संपत्ति ₹8.15 लाख करोड़ है। पिछले कुछ वर्षों में अडानी समूह ने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, हालांकि वे इस साल शीर्ष स्थान पर नहीं पहुंच सके।
रौशनी नादर बनीं सबसे अमीर महिला
इस बार की सूची में महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। HCL टेक्नोलॉजीज की चेयरपर्सन रौशनी नादर मल्होत्रा और उनका परिवार पहली बार शीर्ष तीन में शामिल हुए हैं। उनकी कुल संपत्ति ₹2.84 लाख करोड़ आंकी गई है, जिससे वे भारत की सबसे अमीर महिला बन गई हैं।
भारत में 350 से अधिक अरबपति
इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अब 350 से अधिक अरबपति हैं, जो 13 साल पहले की तुलना में छह गुना अधिक हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन सभी अरबपतियों की कुल संपत्ति ₹167 लाख करोड़ है, जो भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग आधा हिस्सा है।
युवाओं और नई पीढ़ी का उदय
युवा पीढ़ी ने भी इस सूची में अपनी जगह बनाई है। 31 वर्षीय अरविंद श्रीनिवास, जो Perplexity के संस्थापक हैं, भारत के सबसे युवा अरबपति बने। उनकी कुल संपत्ति ₹21,190 करोड़ है। वहीं, बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान ने भी इस साल पहली बार अरबपति क्लब में प्रवेश किया, जिनकी कुल संपत्ति ₹12,490 करोड़ आंकी गई है।
संपत्ति में सबसे बड़ी वृद्धि
इस साल संपत्ति में वृद्धि के मामले में निरज बजाज और उनके परिवार ने सबसे बड़ी छलांग लगाई है। उन्होंने ₹69,875 करोड़ जोड़कर अपनी कुल संपत्ति ₹2.33 लाख करोड़ कर ली है।
मुंबई बनी अरबपतियों का केंद्र
मुंबई भारत के अरबपतियों का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। यहां से 451 अरबपति सूची में शामिल हुए हैं। इसके बाद नई दिल्ली (223) और बेंगलुरु (116) का स्थान है।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
इस साल की सूची में 101 महिलाएं शामिल हैं, जिनमें से 26 डॉलर अरबपति हैं। कुल मिलाकर, सूची में 66% लोग सेल्फ-मेड हैं, जिन्होंने अपनी संपत्ति खुद बनाई है। 74% नई एंट्रीज ने भी अपनी संपत्ति खुद सृजित की है।
सेक्टर-वार संपत्ति
फार्मास्युटिकल्स सेक्टर 137 एंट्रीज के साथ इस सूची में शीर्ष पर है। इसके बाद इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स (132) और केमिकल्स एवं पेट्रोकेमिकल्स (125) का स्थान है।
यह रिपोर्ट भारत की आर्थिक प्रगति और संपत्ति सृजन की बदलती तस्वीर को दर्शाती है, जिसमें युवा, महिलाएं और नई कंपनियां प्रमुख भूमिका निभा रही हैं।