नीतीश कुमार का मास्टरस्ट्रोक! जेडीयू कार्यकर्ताओं की हुई बल्ले-बल्ले, बिहार की राजनीति में बड़ा धमाका
बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राजधानी पटना के एक अणे मार्ग में सोमवार (20 अप्रैल, 2026) को जेडीयू विधानमंडल की एक हाई-प्रोफाइल बैठक हुई। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिससे जेडीयू के हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता के चेहरे खिल उठे हैं।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी मीडिया के साथ साझा की है।
पद छोड़ा है, साथ नहीं: नीतीश कुमार का नया मिशन
नीरज कुमार के मुताबिक, बैठक में नीतीश कुमार ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। उन्होंने भावुक और जोश भरे अंदाज में कहा, "मैंने पद जरूर छोड़ दिया है, लेकिन शांत नहीं बैठूंगा।" नीतीश ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में संसदीय कार्यों को संभालने के साथ-साथ वे अपनी पार्टी के साथियों और गठबंधन के सहयोगियों के बीच सक्रिय रहेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि नीतीश कुमार अब फिर से बिहार के विभिन्न इलाकों का दौरा करेंगे। वे खुद जमीन पर उतरकर विकास कार्यक्रमों की जमीनी हकीकत जानेंगे और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे।
एक अणे मार्ग में क्यों हुई जेडीयू की बैठक?
दिलचस्प बात यह है कि यह महत्वपूर्ण बैठक पहले सात सर्कुलर रोड में होनी थी। लेकिन नीतीश कुमार फिलहाल एक अणे मार्ग में ही निवास कर रहे हैं, इसलिए रणनीति के तहत स्थान बदलकर बैठक यहीं आयोजित की गई। इस बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें जेडीयू के सभी 85 विधायक, जेडीयू कोटे के विधान पार्षद, लोकसभा और राज्यसभा सांसद समेत पार्टी के तमाम दिग्गज नेता मौजूद रहे।
निशांत कुमार को लेकर क्या बोले पार्टी नेता?
बैठक के दौरान एक और बड़ा पहलू सामने आया। अधिसंख्य विधायकों ने खुले तौर पर कहा कि अब पार्टी के शीर्ष नेता निशांत कुमार हैं और उनके नेतृत्व में ही पार्टी आगे का रास्ता तय करेगी। हालांकि, जब नीरज कुमार से निशांत कुमार की आधिकारिक जिम्मेदारी पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वे पार्टी के सर्वमान्य नेता हैं, लेकिन उनके भविष्य और जिम्मेदारी का फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि आज की बैठक का मुख्य एजेंडा निशांत कुमार पर चर्चा करना नहीं था।
बिहार भ्रमण से बढ़ेगा कार्यकर्ताओं का मनोबल
नीतीश कुमार अपने शासनकाल में 'विकास यात्रा' से लेकर 'समाधान यात्रा' तक कई बार जनता के बीच जा चुके हैं। अब एक बार फिर जब वे अपनी पार्टी को मजबूत करने के लिए बिहार के गांवों और शहरों की खाक छानेंगे, तो यकीनन इससे जेडीयू कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा। जानकारों का मानना है कि नीतीश की यह पहल बिहार चुनाव की बिसात बिछाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है।
Sharad Shrivastava