मध्य प्रदेश में नरेगा, राम और किसान पुत्र को लेकर सियासी घमासान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच नरेगा, भगवान राम, महात्मा गांधी, किसान और गौवंश से जुड़े मुद्दों पर तीखी राजनीतिक बयानबाजी सामने आई है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर झूठ फैलाने, राजनीतिक लाभ लेने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
सीएम मोहन यादव का कांग्रेस पर हमला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भाजपा कार्यालय में आयोजित VB–G रामजी जनजागरण अभियान की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और जिला टोली के सदस्य मौजूद रहे।
सीएम ने आरोप लगाया कि ग्रामीण रोजगार के नाम पर शुरू की गई योजना नरेगा को चुनाव आते ही कांग्रेस ने महात्मा गांधी के नाम से जोड़ दिया और इसके जरिए देशभर में झूठ बोलने का अभियान चलाया। उनके अनुसार, यह कांग्रेस की पुरानी परंपरा रही है कि सत्ता और वोट के लिए महापुरुषों और योजनाओं के नाम का राजनीतिक उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि नरेगा को महात्मा गांधी के नाम से जोड़ना सच्चाई से दूर है और इसका जवाब जनता समय-समय पर देती रही है।
‘नकली गांधी’ और राम के अस्तित्व पर सवाल का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तंज करते हुए कहा कि एक तरफ नकली गांधी बनकर राजनीति की जाती है और दूसरी ओर भगवान राम को नहीं माना जाता, फिर लोकतंत्र चलाने की बात की जाती है। उन्होंने कहा कि जब भगवान राम से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था, तब कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने राम के अस्तित्व पर सवाल खड़े किए थे। सीएम के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मुस्लिम पक्षकारों ने भी स्वीकार किया और भूमिपूजन में शामिल हुए, लेकिन कांग्रेस के नेता उस ऐतिहासिक क्षण से दूर रहे।
VB–G रामजी अभियान और 2026 किसान कल्याण वर्ष
मुख्यमंत्री ने बताया कि VB–G रामजी जनजागरण अभियान का उद्देश्य ग्रामोदय से अभ्युदय की सोच को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान गांव, किसान, संस्कृति और मूल्यों को केंद्र में रखकर आगे बढ़ेगा।
सीएम ने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और सरकार की प्राथमिकता गांव, किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उनके अनुसार, ‘जय राम जी’ के मंत्र के साथ यह अभियान सामाजिक एकता और विकास की दिशा में नया अध्याय लिखेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे कांग्रेस की झूठ और भ्रम की राजनीति को बेनकाब करें और सरकार के विकास कार्यों को घर-घर तक पहुंचाएं।
जीतू पटवारी का पलटवार: ‘फर्जी किसान पुत्र’ और भ्रष्टाचार के आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपना काम ठीक से नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें आश्रम जाकर आत्मचिंतन करना चाहिए, क्योंकि इस तरह के बयान उनके व्यक्तित्व को गिराते हैं। पटवारी ने मुख्यमंत्री को फर्जी किसान पुत्र करार दिया।
पटवारी ने आरोप लगाया कि 2026 किसान वर्ष के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने ट्रैक्टर चलाया और गाय के पास भी गए, लेकिन ट्रैक्टर चलाने वाला हर व्यक्ति किसान नहीं होता, वह ड्राइवर भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि कर्ज लेकर विज्ञापनों में फोटो देना बंद किया जाए, क्योंकि विज्ञापनों में खुद को किसान पुत्र बताने का दावा किया जा रहा है, जबकि यह केवल किसान पुत्र का विज्ञापन है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री वास्तव में फर्जी किसान पुत्र हैं।
गौमांस, टैक्स और मॉब लिंचिंग पर राजनीतिक विवाद
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पटवारी ने आरोप लगाया कि भोपाल में नगर निगम भाजपा का है, जहां बड़ी मात्रा में गौमांस मिला। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश सरकार ने गौमांस पर टैक्स लगाया था, तब कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज कराई थी। पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा गाय की हत्या भी करती है और उस पर शून्य प्रतिशत टैक्स भी लगाती है तथा गाय के मुद्दे पर अधिकतम स्तर तक मॉब लिंचिंग की राजनीति की गई है।
भ्रष्टाचार और लापरवाही के कई मामलों का जिक्र
पटवारी ने आरोप लगाया कि विश्वास सारंग, गोविंद सिंह राजपूत सहित कई मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग में सौरभ शर्मा का मामला हो, इंदौर में दूषित पानी से बच्चों के बीमार होने की घटनाएं हों, अस्पतालों में बच्चों को चूहे कुतरने की घटनाएं हों या छिंदवाड़ा के कफ सिरप मामले में हुई मौतें हों, किसी भी मामले में सरकार ने ठोस कार्रवाई नहीं की। उनके अनुसार, सबको अपनी लूट का हिस्सा मिल रहा है, भाजपा को भी और मंत्रियों को भी।
दूषित पानी, स्मार्ट सिटी और जिन्ना पर बयान
इंदौर और भोपाल को मिले स्मार्ट सिटी और स्वच्छ शहर के दर्जे पर सवाल उठाते हुए पटवारी ने कहा कि इन शहरों को आज शुद्ध पेयजल तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उनके मुताबिक पहले जहरीली शराब से मौतें होती थीं, अब दूषित पानी से मौतें हो रही हैं।
जिन्ना के मुद्दे पर पटवारी ने कहा कि जिन्ना ने देश को तोड़ा था, कांग्रेस पार्टी उनका समर्थन नहीं करती और ऐसे लोगों का कोई सम्मान नहीं करती।
सज्जन सिंह वर्मा की प्रतिक्रिया और ऐतिहासिक-धार्मिक सियासत
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी मुख्यमंत्री मोहन यादव पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मोहन यादव का इतिहास कमजोर है, जबकि भूगोल और जमीन के मामलों में वे मजबूत हैं। वर्मा के अनुसार, सरकार भावनात्मक ब्लैकमेल करने के लिए राम के नाम का इस्तेमाल करती है और गांधी का नाम मिटाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार के पास इतनी योजनाएं हैं, तो वे उन योजनाओं के नाम राम के नाम पर रख दे, उन्हें राम के नाम से कोई आपत्ति नहीं है। उनका आरोप था कि मुद्दों के बजाय धार्मिक और भावनात्मक प्रतीकों का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है।
निष्कर्ष: आरोप-प्रत्यारोप के बीच तेज होती राजनीतिक जंग
पूरे घटनाक्रम में स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश में नरेगा, महात्मा गांधी, भगवान राम, किसान, गाय, भ्रष्टाचार और बुनियादी सुविधाओं जैसे विषयों पर सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी राजनीतिक जंग चल रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव जहां कांग्रेस पर झूठ फैलाने और महापुरुषों के नाम के दुरुपयोग का आरोप लगा रहे हैं, वहीं कांग्रेस नेता सरकार पर फर्जी किसान पुत्र की छवि गढ़ने, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई न करने और जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने के आरोप लगा रहे हैं।
Amit Pateria