पाकिस्तान पर भारत का UN में कड़ा वार
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और झूठ फैलाने का गंभीर आरोप लगाया। भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र में अपने बयान में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के दावों को खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान की नीतियां आतंकवाद को प्रोत्साहित करती हैं।
भारतीय सेना की कार्रवाई का जिक्र
गहलोत ने अपने बयान में मई में हुए संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि 9 मई तक पाकिस्तान भारत पर हमले की धमकी दे रहा था। लेकिन 10 मई को भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कई एयरबेस को नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान जले हुए हवाई अड्डों को जीत मानता है, तो वह इसका जश्न मनाए।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने बहावलपुर और मुरीदके में आतंकी परिसरों को निशाना बनाया था। गहलोत ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान के सैन्य अधिकारी और अधिकारी आतंकवादियों को खुलेआम श्रद्धांजलि देते हैं, जो उनके शासन पर सवाल खड़े करता है।
आतंकवादियों का समर्थन और कश्मीर मुद्दा
गहलोत ने पाकिस्तान से तुरंत सभी आतंकवादी शिविरों को बंद करने और आतंकियों को सौंपने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगा और किसी भी परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने UN में दावा किया था कि कश्मीर में भारत अत्याचार कर रहा है और उन्होंने जनमत संग्रह की मांग की। साथ ही, शरीफ ने कश्मीरियों के अधिकारों की वकालत करते हुए भारत को दुश्मन करार दिया।
भारत का स्पष्ट संदेश
भारत ने UN में स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच सभी मुद्दे द्विपक्षीय बातचीत से हल होंगे और इसमें किसी तीसरे पक्ष की आवश्यकता नहीं है। गहलोत ने पाकिस्तान पर आतंकवादियों को समर्थन देने और उन्हें सम्मानित करने का भी आरोप लगाया।
निष्कर्ष
भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और झूठ फैलाने का गंभीर आरोप लगाते हुए UN में अपने रुख को मजबूती से रखा। भारतीय राजनयिक ने पाकिस्तान से आतंकवादी शिविरों को खत्म करने और सीमा पार आतंकवाद को रोकने की मांग की।