फसल बीमा राशि रोकने पर कॉमन सर्विस सेंटर पर जुर्माना, ब्याज सहित भुगतान का आदेश
सागर के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने फसल बीमा क्लेम नहीं मिलने के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए एक कॉमन सर्विस सेंटर के प्रोप्राइटर और संचालक पर जुर्माना लगाया है। आयोग ने बीमा राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित निर्धारित समय सीमा में किसान को अदा करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की पृष्ठभूमि और पक्षकार
मामले की सुनवाई जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, सागर के अध्यक्ष राजेश कुमार कोष्टा और सदस्य अनुभा वर्मा की बेंच ने की। परिवादी प्रदीप गुरु, निवासी जवाहर वार्ड, देवरी ने यह परिवाद एचडीएफसी इरगो एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के प्रबंधक, कॉमन सर्विस सेंटर के प्रोप्राइटर शुभम राजपूत तथा कॉमन सर्विस सेंटर के प्रोप्राइटर एवं संचालक रज्जू कुर्मी के खिलाफ दायर किया था।
परिवादी की ओर से अधिवक्ता पवन नन्होरिया ने तर्क रखे। परिवाद में उल्लेख किया गया कि प्रदीप गुरु ने त्रिवेणी बाई मिश्रा, बेवा द्वारका प्रसाद मिश्रा, निवासी सागर, की ग्राम रामखेड़ी स्थित 20 एकड़ कृषि भूमि (कुल रकबा 7.99 हेक्टेयर, खसरा नंबर 12, 13, 48, 49) ठेके पर ले रखी थी।
फसल बीमा, प्रीमियम कटौती और फसल नुकसान
आवेदक की फसल बीमा की किस्त 12 अगस्त 2017 को जमा की गई थी। प्रीमियम राशि 4,120.40 रुपए काटकर संबंधित अनावेदक को रसीद जारी की गई। वर्ष 2017 में आवेदक ने इस भूमि पर सोयाबीन की फसल बोई थी। बाद में 20 एकड़ में लगी सोयाबीन की यह फसल पीला मोजाइक वायरस के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हो गई और किसानों को भारी नुकसान हुआ।
आवेदक ने फसल नुकसान की सूचना बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर दर्ज कराई, लेकिन उसे बीमा क्लेम प्राप्त नहीं हुआ, जबकि उसी क्षेत्र के अन्य किसानों को बीमा दावे की राशि मिल चुकी थी।
नोटिस और कानूनी कार्रवाई
बीमा दावा न मिलने पर आवेदक ने 13 दिसंबर 2018 को संबंधित पक्षों को रजिस्टर्ड नोटिस भेजा, जिसका कोई उत्तर नहीं दिया गया। इसके बाद प्रदीप गुरु ने उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर कर 4.50 लाख रुपए क्षतिपूर्ति, मानसिक और शारीरिक क्षति तथा परिवार व्यय की राशि दिलाने की मांग की।
सुनवाई के दौरान आयोग ने उपलब्ध दस्तावेजों और तर्कों के आधार पर यह माना कि फसल नुकसान होने के बावजूद उचित बीमा राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिससे सेवा में कमी सिद्ध होती है।
आयोग का फैसला और मुआवजा आदेश
जिला उपभोक्ता आयोग ने अपने निर्णय में फसल नुकसान के लिए फसल बीमा क्षति के रूप में 1,77,383 रुपए की राशि स्वीकृत की। इस राशि पर परिवाद प्रस्तुति दिनांक 1 फरवरी 2019 से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया गया। इसके साथ ही 10 हजार रुपए सेवा में कमी के लिए क्षतिपूर्ति और 2 हजार रुपए वाद व्यय के रूप में देने के निर्देश भी दिए गए।
आयोग ने स्पष्ट किया कि यह संपूर्ण भुगतान विपक्षी क्रमांक-3, कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक रज्जू कुर्मी द्वारा किया जाएगा। आदेश के अनुसार, यह राशि दो माह के भीतर आवेदक को अदा करनी होगी।
निष्कर्ष
इस निर्णय के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया कि फसल बीमा योजनाओं के तहत प्रीमियम कटौती के बाद बीमा राशि का उचित और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना संबंधित एजेंसियों और सेवा प्रदाताओं की जिम्मेदारी है। सेवा में कमी या लापरवाही की स्थिति में उपभोक्ता आयोग किसानों को न्याय और क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए हस्तक्षेप कर सकता है।
Vivek Singh