पं. खुशीलाल कॉलेज में शरीर शुद्धिकरण शिविर, टॉक्सिक पदार्थ होंगे बाहर; नेत्र स्वास्थ्य पर राष्ट्रीय संगोष्ठी भी.

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पं. खुशीलाल कॉलेज में शरीर शुद्धिकरण शिविर, टॉक्सिक पदार्थ होंगे बाहर; नेत्र स्वास्थ्य पर राष्ट्रीय संगोष्ठी भी.

पं. खुशीलाल कॉलेज में शरीर शुद्धिकरण शिविर और नेत्र स्वास्थ्य संगोष्ठी का आयोजन

भोपाल स्थित पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय (स्वायत्त) आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान में इन दिनों स्वास्थ्य और शोध से जुड़े दो महत्वपूर्ण आयोजन चल रहे हैं। एक ओर जहां पंचकर्म विभाग में निःशुल्क वासंतिक वमन चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नेत्र स्वास्थ्य पर आधारित एक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की तैयारी है।

शरीर में जमा टॉक्सिक पदार्थ निकालने हेतु निःशुल्क वासंतिक वमन चिकित्सा शिविर

संस्थान के पंचकर्म विभाग द्वारा 30 मार्च 2026 तक एक निःशुल्क वासंतिक वमन चिकित्सा शिविर का संचालन किया जा रहा है। आयुर्वेद के अनुसार, वसंत ऋतु में शरीर में संचित कफ दोष की वृद्धि होती है, जिसे शरीर से बाहर निकालने के लिए वमन कर्म को एक प्रभावी पंचकर्म चिकित्सा माना जाता है। इस शिविर के माध्यम से मरीजों को प्राकृतिक रूप से शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन करने का अवसर मिल रहा है, जिससे शरीर में जमा टॉक्सिक पदार्थ बाहर निकलते हैं, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और व्यक्ति स्वस्थ रहता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह चिकित्सा सोरायसिस, त्वचा रोग, मोटापा, एसिडिटी, पुराना सर्दी-जुकाम, खांसी, अस्थमा, थायरॉइड, तनाव और पाचन संबंधी समस्याओं में लाभकारी है। साथ ही, पीसीओडी और इनफर्टिलिटी जैसी महिलाओं से जुड़ी समस्याओं में भी इसे उपयोगी माना गया है। डॉ. प्रीति चतुर्वेदी और डॉ. कामिनी सोनी के नेतृत्व में अनुभवी चिकित्सकों की टीम मरीजों का परीक्षण और उपचार कर रही है। इस शिविर में पंजीयन और उपचार दोनों ही पूरी तरह निःशुल्क हैं।

नेत्र स्वास्थ्य पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

संस्थान में 12 और 13 मार्च को नेत्र स्वास्थ्य विषय पर द्विदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भी आयोजन किया जाएगा। इस संगोष्ठी का विषय "एडवांसमेंट इन आयुर्वेडिक मेनेजमेंट ऑफ ऑपथालमिक डिसऑर्डर: ट्रेडिशन टाइम-टेस्टेड प्रेक्टिस टू एविडेंस बेस्ड प्रोटोकॉल" है। इसमें आयुर्वेदिक नेत्र चिकित्सा की परंपरागत और आधुनिक पद्धतियों पर गहन चर्चा होगी। संस्थान के प्राचार्य डॉ. उमेश शुक्ला के अनुसार, देशभर से आयुर्वेदिक चिकित्सक, नेत्र रोग विशेषज्ञ, शिक्षाविद और शोधकर्ता इसमें भाग लेकर अपने अनुभव साझा करेंगे।

यह संगोष्ठी विद्यार्थियों, शोधार्थियों और चिकित्सकों के लिए ज्ञानवर्धन का एक महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध होगी। विशेषज्ञ आयुर्वेद के माध्यम से नेत्र रोगों की रोकथाम, उपचार और आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न समस्याओं के समाधान पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।

Navjeet Kaur