पन्ना के हीरे को मिलेगा जीआई टैग, बढ़ेगी वैश्विक पहचान

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पन्ना के हीरे  को मिलेगा जीआई टैग, बढ़ेगी वैश्विक पहचान

पन्ना के हीरे को मिलेगा जीआई टैग, बढ़ेगी वैश्विक पहचान

1973 की फिल्म हीरा पन्ना का मशहूर गीत ‘पन्ना की तमन्ना है कि हीरा मुझे मिल जाए’ अब हकीकत बनने जा रहा है। बुंदेलखंडी पन्ना के हीरे को दिसंबर 2025 तक ‘पन्ना डायमंड’ के नाम से जीआई (जियोग्राफिकल इंडिकेशन) टैग मिलने की उम्मीद है। यह टैग पन्ना के हीरों को वैश्विक पहचान दिलाने में मदद करेगा।

पन्ना के हीरों की खासियत

पन्ना के हीरे अपने हल्के हरे रंग और चमक के लिए प्रसिद्ध हैं। इन हीरों में कार्बन की मात्रा कम होती है, जो इन्हें अन्य हीरों से अलग और खास बनाती है। वैश्विक बाजार में इस प्रकार के हीरों की हमेशा से अधिक मांग रही है।

खनन और उत्पादन

पन्ना में अधिकतर उथली खदानें हैं, जबकि एनएमडीसी कंपनी की मझगवां स्थित खदान एशिया की एकमात्र गहरी खदान है। इस खदान में 1971-72 से ही खनन होता आ रहा है। हालांकि, 2021 में लीज खत्म होने के कारण खनन रुका, लेकिन 2025 में इसे फिर से शुरू किया गया। अब तक 13 लाख कैरेट हीरा निकाला जा चुका है, और करीब 10 लाख कैरेट भंडार अभी भी बाकी है। इस साल 20 हजार कैरेट उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

हीरे की कीमतों में गिरावट

हाल ही में वैश्विक बाजार में हीरे की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इजराइल-यूरोप युद्ध और अमेरिका द्वारा ज्वैलरी पर 50% टैरिफ लगाए जाने के कारण चमकदार हीरे की कीमत 4 लाख से घटकर 2.5 लाख रुपये प्रति कैरेट हो गई है।

मुंबई और सूरत बने हीरा तराशने के केंद्र

हालांकि पन्ना में उत्पादन होता है, लेकिन यहां बड़े कारखाने नहीं हैं। इसलिए एनएमडीसी कंपनी हीरों की नीलामी मुंबई में करती है। मुंबई और सूरत देश के लगभग 98% हीरों को तराशने और पॉलिश करने के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं।

जीआई टैग का महत्व

पन्ना के हीरों को जीआई टैग मिलने से उनकी अलग पहचान बनेगी, जिससे उनकी प्रीमियम वैल्यू में 10% तक वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही नकली उत्पादों पर कानूनी कार्रवाई का अधिकार भी मिलेगा। इससे पन्ना के हीरों की ब्रांडिंग और बाजार में मांग में इजाफा होगा।

निष्कर्ष

पन्ना के हीरों को जीआई टैग मिलने से न केवल उनकी पहचान और मांग में वृद्धि होगी, बल्कि यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएगा। यह उपलब्धि पन्ना के हीरों के महत्व को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में सहायक होगी।