प्रसून जोशी को मिला राष्ट्रीय किशोर कुमार अलंकरण
प्रसिद्ध गीतकार, पटकथा लेखक और कवि प्रसून जोशी को खंडवा में राष्ट्रीय किशोर कुमार अलंकरण से सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में जोशी ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
सम्मान के साथ गूंजे किशोर दा के गीत
समारोह में प्रसून जोशी ने 'फूलों के रंग से, दिल की कलम से...' गीत गाकर उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव वर्चुअली जुड़े और जोशी के गायन पर तालियां बजाईं।
किशोर कुमार के व्यक्तित्व को किया याद
प्रसून जोशी ने किशोर कुमार को प्रेरणादायक व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि किशोर दा का जीवन निष्कलंक और सहजता से भरा हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय के गीत-संगीत में शब्दों के साथ न्याय करने की कमी है, जबकि किशोर दा के गीत हमेशा सच्चाई के प्रतीक रहे।
सम्मान समारोह के मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम में प्रसून जोशी को 5 लाख रुपये की टैक्स मुक्त राशि और सम्मान पट्टिका दी गई। इसके अलावा, उन्होंने ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए और किशोर कुमार के समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की।
सम्मान की ऐतिहासिकता
राष्ट्रीय किशोर कुमार अलंकरण 1997 में शुरू किया गया था। पहला सम्मान प्रसिद्ध निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी को दिया गया था। इस साल का सम्मान प्रसून जोशी को प्रदान किया गया है, जो गीत लेखन में अपने योगदान के लिए जाने जाते हैं।
समारोह में उपस्थित गणमान्य
कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। मंत्री विजय शाह ने सुझाव दिया कि यह कार्यक्रम तीन दिनों तक आयोजित किया जाना चाहिए, जिसे सीएम ने समर्थन दिया।
सम्मान समारोह का आयोजन पुलिस लाइन ग्राउंड में किया गया और यह कई यादगार पलों से भरा रहा।