जैसलमेर बस अग्निकांड: भयावह हादसे में 21 की मौत, 2 अधिकारी सस्पेंड
बस की मॉडिफिकेशन बनी हादसे की वजह
राजस्थान के जैसलमेर में स्लीपर बस अग्निकांड के मामले में बुधवार को सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए दोषी अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। जांच में सामने आया कि चित्तौड़गढ़ के जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय में पंजीकृत इस बस को नॉन एसी से एसी में अवैध रूप से मॉडिफाई किया गया था। इस मॉडिफिकेशन के कारण हादसे की वजह बनी।
मौत का आंकड़ा बढ़कर 21 तक पहुंचा
इस भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। झुलसे हुए लोगों में से एक 10 वर्षीय बच्चे यूनुस ने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बस के शवों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं, जिसमें थोड़ा समय लग रहा है।
सरकारी कार्रवाई और राहत
सरकार ने बस की अप्रूवल देने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया है। प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवार को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी।
भविष्य की ओर कदम
इस हादसे ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार ने मामले की गहन जांच का आदेश दिया है ताकि ऐसी घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके। यह घटना बसों में सुरक्षा उपायों को लेकर जागरूकता बढ़ाने का भी संकेत देती है।