मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री साध्वी उमा भारती प्रयागराज पहुंचीं। उन्होंने गंगा में पांच डुबकी लगाई और बिहार चुनाव में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलने का दावा किया। उमा भारती ने कहा कि जनता प्रधानमंत्री मोदी के साथ है और विपक्षी नेताओं राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव की विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है।उमा भारती ने गंगा स्वच्छता और श्रद्धा संकल्प अभियान के तहत संगम नोज पर हजारों गंगा भक्तों के साथ पांच डुबकी लगाई। उन्होंने पहली डुबकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देने के लिए लगाई। दूसरी डुबकी संत समाज के लिए, तीसरी प्रयागराजवासियों के प्रति कृतज्ञता, चौथी श्रद्धालुओं के लिए और पांचवीं गंगा को अविरल, निर्मल और निरंतर बनाए रखने के संकल्प के लिए थी। बॉक्स (डुबकियों के माध्यम से दिए गए साध्वी का संदेश:) उमा भारती ने हर डुबकी के साथ गंगा की स्वच्छता, संरक्षण और आस्था को मजबूत करने का संदेश दिया। पहली डुबकी: गंगा स्वच्छता का संकल्प – गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयासों की अपील। दूसरी डुबकी: श्रद्धा और आस्था का संदेश – गंगा को मां के रूप में पूजने और उसकी रक्षा करने की भावना। तीसरी डुबकी: गौ संरक्षण से जुड़ाव – गंगा संरक्षण को गौ रक्षा से जोड़ते हुए, कहा कि "जब तक गंगा निर्मल और गौ सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक राम का कार्य अधूरा रहेगा" चौथी डुबकी: जन जागरण का आह्वान – देशभर के 50 करोड़ श्रद्धालुओं से अपील कि वे अपने राज्यों में गंगा के तटों पर जाकर स्वच्छता में योगदान दें। उन्होंने कहा, "गंगोत्री से गंगा सागर तक जहां गंगा आपके राज्य के नजदीक पड़े, वहां आकर एक दिन की स्वच्छता का ऋण चुका दें पांचवीं डुबकी: राष्ट्र कल्याण का संदेश – गंगा को अविरल और निर्मल बनाने को राष्ट्रीय कर्तव्य बताते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील कि वे गौ-गंगा संवर्धन को पूर्ण करें। (किसको दिया संदेश?) यह संदेश मुख्य रूप से पूरे देश के श्रद्धालुओं, विशेषकर महाकुंभ में स्नान करने वाले 50 करोड़ लोगों को दिया गया। साथ ही, आम जनता, राज्य सरकारों और किसानों को भी गंगा-गौ संरक्षण में भाग लेने का आह्वान किया। उमा भारती ने कहा कि यह अभियान सीमित लोगों के साथ शुरू हो रहा है, लेकिन इसका उद्देश्य जन-जन तक पहुंचना है। गंगा और गाय के संरक्षण पर जोर उमा भारती ने गंगा और गाय के संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि 2014 में मोदी सरकार द्वारा गंगा मंत्रालय बनाया गया था, जिसकी मंत्री वे स्वयं रहीं। गंगा की स्वच्छता के लिए दीर्घकालीन ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किए गए हैं। हालांकि, कोरोना महामारी और बार-बार चुनावों के कारण विकास कार्य प्रभावित हुए हैं।उन्होंने वन नेशन वन इलेक्शन की जरूरत पर जोर दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे लागू होने की उम्मीद जताई। साथ ही, उन्होंने श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण और धारा 370 हटाने जैसे कार्यों की सराहना की।
(प्रयागराज में उमा का गंगा स्वच्छता श्रद्धा संकल्प अभियान, पांच डुबकी लगाई)