राष्ट्रकथा मंच पर बृजभूषण की भावुकता, सद्गुरु ने बोला- मैं इनका बाप हूं

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राष्ट्रकथा मंच पर बृजभूषण की भावुकता, सद्गुरु ने बोला- मैं इनका बाप हूं

राष्ट्रकथा कार्यक्रम में भावुक हुए बृजभूषण, सद्गुरु ने दबदबे का किया उल्लेख

गोंडा में चल रही राष्ट्रकथा के दौरान एक भावुक दृश्य सामने आया, जब सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने मंच से पूर्व सांसद बृजभूषण के पुराने संघर्षों और उनके दबदबे का जिक्र किया। इस दौरान बृजभूषण मंच पर ही फूट-फूटकर रो पड़े और करीब एक घंटे तक अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख पाए। उनका रोते हुए वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

सद्गुरु ने दोहराया ‘दबदबा था, है और रहेगा’ वाला जुमला

राष्ट्रकथा के संबोधन में सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने सीधे शब्दों में बृजभूषण के प्रभाव और दबदबे का उल्लेख किया। उन्होंने अवध और गोंडा के लोगों के बीच मशहूर उस जुमले को दोहराया कि बृजभूषण का दबदबा था, है और रहेगा। उन्होंने खुद को बृजभूषण का पिता समान बताते हुए कहा कि जब इनका बाप यहां बैठा है, तो मेरा भी दबदबा कायम रहेगा।

सद्गुरु ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने पूरे भारत में धर्म, भगवान राम और राष्ट्र के लिए की गई कथाओं के बदले आज तक किसी से एक रुपया भी स्वीकार नहीं किया है और उनके अनुसार सब कुछ ईश्वर की कृपा से चल रहा है।

राष्ट्र और सनातन को जोड़ने का उद्देश्य

सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने बताया कि यह भव्य आयोजन खंडित हो रहे राष्ट्र को जोड़ने और समाज को सही दिशा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के 140 करोड़ लोग मूल रूप से सनातन संस्कृति से जुड़े हैं, चाहे उनके पूर्वज किसी भी परिस्थिति में कहीं और क्यों न चले गए हों।

उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी को तोड़ना नहीं, बल्कि राष्ट्र और सनातन को एक करना है। सद्गुरु के अनुसार इस कथा को देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी लोग सुन रहे हैं और इसका उद्देश्य मां भारती की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखना है।

गोंडा के लिए पर्यटन क्षेत्र की घोषणा

अपने संबोधन में सद्गुरु ने गोंडा वासियों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि महाराजा दिलीप का यह प्रांगण जल्द ही भारत का सबसे बड़ा पर्यटन क्षेत्र बनने जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में लोग नंदिनी गोमाता और महाराजा दिलीप के दर्शन के लिए आएंगे।

उन्होंने बृजभूषण की सराहना करते हुए कहा कि जैसे कोई अपने प्रिय के लिए दिल निकालकर रख देता है, वैसे ही बृजभूषण ने इस क्षेत्र और सनातन को एक करने के लिए अपनी पूरी जिंदगी न्योछावर कर दी है।

परंपरा आगे बढ़ाने की अपील

कार्यक्रम के अंत में सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने करण भूषण सिंह, प्रतीक भूषण सिंह और पूरे परिवार से इस कीर्ति और परंपरा को आगे ले जाने का आह्वान किया। इस पूरे दौरान मंच पर भावुक माहौल रहा और बृजभूषण के आंसू चर्चा का विषय बने रहे।

Sharad Shrivastava