मध्य प्रदेश में सितंबर के आखिरी सप्ताह में तेज बारिश की संभावना
मौसम केंद्र का पूर्वानुमान और लो प्रेशर क्षेत्र
मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार, उत्तर अंडमान सागर में सक्रिय लो प्रेशर क्षेत्र मध्य प्रदेश पर प्रभाव डाल सकता है। अगले चार दिनों में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत अन्य जिलों में तेज या हल्की बारिश की संभावना है। शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि नया सिस्टम कितना स्ट्रॉन्ग रहता है, यह उसकी दिशा और तीव्रता तय करेंगे। 23 सितंबर तक प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है, पर सिस्टम की एक्टिविटी के चलते अनुमान में बदलाव संभव है।
भदभदा और कलियासोत डैम के दो गेट शनिवार को बारिश के बाद खोल दिए गए। ब्यावरा में लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए, जिससे अजनार नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा और बाढ़ जैसे हालात बन गए। आगर जिले में नलखेड़ा समेत कई जगहों पर भारी बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे 8 लोगों की मौत और शहडोल में आकाशीय बिजली गिरने से 2 की जान चली गई।
पिछले वर्ष के रिकॉर्ड और वर्तमान आँकड़े
मध्य प्रदेश के 45 जिलों में शनिवार को कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। विदिशा के लटेरी में सबसे ज्यादा 4.2 इंच, गुना के कुंभराज में 4 इंच, आगर-मालवा के नलखेड़ा में 92 मिमी (3.7 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई। आगर के बड़ौद में 2.9 इंच, गुना के राघौगढ़ में 2.8 इंच, राजगढ़ के खिलचीपुर में ढाई इंच बारिश हुई।
इसमानसूनी सीजन में पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल में 1% तक कम बारिश हुई, जबकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 24% तक कम बारिश हुई। पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 5% से 48% कम पानी गिरा।
अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
जून में 14% कम बारिश, जुलाई के शुरुआती दिनों में तेज बारिश से आंकड़ा बढ़ा, पर मानसून दो बार ब्रेक हुआ। आखिरी सप्ताह में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया, फिर भी 13% कम बारिश हुई। कुल मिलाकर प्रदेश में 6% कम पानी गिरा। सामान्य बारिश 37.3 इंच है, भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है।
भोपाल में सितंबर का औसत 7 इंच है, पर पिछले 5 साल से कोटे से ज्यादा पानी बरस रहा है। 1961 में पूरे सितंबर में 30 इंच से ज्यादा पानी गिरा, 1947 में 24 घंटे में 9.2 इंच का रिकॉर्ड। इंदौर में सितंबर का रिकॉर्ड 30 इंच (1954), 1987 में 24 घंटे में 7 इंच। ग्वालियर में 1990 में 647 मिमी (साढ़े 25 इंच) बारिश, 1988 में 24 घंटे में 12 इंच। जबलपुर में 1926 में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच, 1926 में पूरे महीने 32 इंच। उज्जैन में 1961 में 1089 मिमी (43 इंच), 1961 में 24 घंटे में 5 इंच।
Adarsh Chaurasiya