संसद शीतकालीन सत्र में आज एटॉमिक एनर्जी बिल पेश

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संसद शीतकालीन सत्र में आज एटॉमिक एनर्जी बिल पेश

शीतकालीन सत्र का 11वां दिन: एटॉमिक एनर्जी बिल आज पेश होगा

संसद के शीतकालीन सत्र का आज 11वां दिन है। इस बीच सरकार की ओर से लंबित विधेयकों को पारित कराने की कोशिशें तेज हो गई हैं। सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा और आज लोकसभा में एटॉमिक एनर्जी अमेंडमेंट बिल पेश किया जाना है, जो देश के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़े बदलाव का मार्ग खोल सकता है।

एटॉमिक एनर्जी अमेंडमेंट बिल और अन्य अहम विधेयक

सरकार आज लोकसभा में एटॉमिक एनर्जी अमेंडमेंट बिल पेश करेगी। इस प्रस्तावित संशोधन के तहत देश के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी का रास्ता खुल सकता है। अब तक यह क्षेत्र लगभग पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में रहा है।

इसके साथ ही कॉर्पोरेट से जुड़े बिल और उच्च शिक्षा क्षेत्र के पुनर्गठन के लिए महत्त्वपूर्ण माने जा रहे हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया से संबंधित विधेयक पर भी चर्चा की संभावना है। दूसरी ओर, चुनाव सुधार यानी SIR के मुद्दे पर विपक्ष के विरोध और हंगामे का दौर जारी रहने के आसार हैं।

पहले 10 दिनों की प्रमुख संसदीय गतिविधियां

वित्तीय विधेयक और कर सुधार

1 दिसंबर को सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में तीन विधेयक पेश किए। इनमें मणिपुर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 को सदन ने पारित कर दिया। साथ ही केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 और स्वास्थ्य सुरक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सेस विधेयक, 2025 भी लोकसभा में पेश हुए।

SIR और चुनाव सुधारों पर बहस

शुरुआती दिनों में विपक्ष SIR और चुनाव सुधारों पर तत्काल चर्चा की मांग पर अड़ा रहा, लेकिन बाद में सरकार से बातचीत के बाद 9 दिसंबर को इस मुद्दे पर विस्तृत बहस के लिए सहमति बनी। लोकसभा स्पीकर से मुलाकात के बाद तय हुआ कि चुनाव सुधारों पर लगभग 10 घंटे की चर्चा होगी। इससे एक दिन पहले 8 दिसंबर को वंदे मातरम् पर भी लंबी चर्चा का कार्यक्रम बनाया गया।

पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हालात पर चर्चा

सत्र के तीसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसदों से संसद परिसर में मुलाकात की। उन्होंने उनसे राज्य के हालात पर जनता के बीच जाने, संवाद बढ़ाने और जमीन पर हो रही घटनाओं के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाने पर जोर दिया। यह बैठक आने वाले समय में वहां की राजनीतिक रणनीति की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी गई।

राहुल गांधी के आरोप और सरकार पर निशाना

चौथे दिन कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार विदेश से आने वाले शीर्ष नेताओं को उनसे मिलने की अनुमति नहीं देती। उनके अनुसार, यह कदम सरकार की असुरक्षा की भावना को दिखाता है, क्योंकि कथित तौर पर इन विदेशी मेहमानों से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष से न मिलने के लिए कहा जाता है।

लोकसभा में तीखी शब्दयुद्ध और न्यायपालिका पर टिप्पणी

5 दिसंबर को लोकसभा में डीएमके सांसद टी. आर. बालू और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बहस के दौरान डीएमके सांसद ने एक हाईकोर्ट जज को आरएसएस जज कहकर संबोधित किया, जिस पर रिजिजू ने कड़ा ऐतराज जताया। यह बयान न्यायपालिका की निष्पक्षता और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को लेकर चर्चा का विषय बना।

वंदे मातरम् के 150 वर्ष और ऐतिहासिक बहस

6वें कार्य दिवस पर लोकसभा में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा हुई, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने की। उन्होंने अपने वक्तव्य में इतिहास का हवाला देते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया कि मुस्लिम लीग के दबाव के चलते वंदे भारत के चार खंड हटाए गए और इससे राष्ट्रगीत के सम्मान को ठेस पहुंची।

चुनाव सुधार, SIR और वंदे मातरम् पर दो सदनों की चर्चा

9 दिसंबर को लोकसभा में चुनाव सुधार और SIR पर विस्तृत बहस हुई। कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग मिलकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं और वोट चोरी का खेल हो रहा है। उधर, राज्यसभा में वंदे मातरम् पर चर्चा हुई, जहां केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया कि गांधी परिवार ने हमेशा से वंदे मातरम् के सम्मान को कमतर किया है।

राहुल गांधी और अमित शाह के बीच सीधी भिड़ंत

10 दिसंबर को लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा का जवाब देते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि भाजपा चुनाव सुधारों पर बहस से नहीं भागती। इसी दौरान राहुल गांधी अपनी सीट से खड़े हुए और उन्होंने SIR पर अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस को आधार बनाकर अमित शाह को सार्वजनिक बहस के लिए चुनौती दी। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस ने सदन का माहौल और गर्म कर दिया।

ई-सिगरेट विवाद और सदन की मर्यादा

11 दिसंबर को लोकसभा में ई-सिगरेट को लेकर विवाद छाया रहा। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने स्पीकर ओम बिरला से शिकायत की कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद सदन के भीतर ई-सिगरेट पी रहे हैं। स्पीकर ने इस पर कार्रवाई का भरोसा दिया, जबकि टीएमसी सांसद सौगत रॉय की टिप्पणी ने इस विवाद को और सुर्खियों में ला दिया।

वायु प्रदूषण पर बहस की मांग

12 दिसंबर को राहुल गांधी ने लोकसभा में वायु प्रदूषण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश बड़े शहर जहरीली हवा की चपेट में हैं, जिससे बच्चों में फेफड़ों की गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं और कैंसर जैसे रोगों का खतरा बढ़ रहा है। इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है।

निष्कर्ष: अहम विधेयकों और तीखी बहसों के बीच आगे की दिशा

शीतकालीन सत्र के अब तक के दिनों में राजनीतिक टकराव, वैचारिक बहस और कई अहम विधेयकों की हलचल साफ नजर आई है। एक तरफ सरकार एटॉमिक एनर्जी अमेंडमेंट बिल, कॉर्पोरेट कानून और उच्च शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव आगे बढ़ाना चाहती है, तो दूसरी तरफ विपक्ष SIR, चुनाव सुधार, वंदे मातरम्, न्यायपालिका पर टिप्पणियों और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में यह सत्र परमाणु ऊर्जा में निजी भागीदारी, चुनाव प्रणाली में सुधार और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान जैसे बड़े विषयों पर ठोस नीतिगत संकेत दे सकता है।

Navjeet Kaur