सर्द हवाओं ने बढ़ाई मध्यप्रदेश में सर्दी, कई जिलों में घना कोहरा
मध्यप्रदेश में उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण ठंड एक बार फिर तेज हो गई है। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में सर्दी का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है।
कई जिलों में घना कोहरा और कोल्ड डे जैसी स्थिति
शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में कोल्ड डे जैसी स्थिति दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार सुबह ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में घना कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर, रायसेन, शाजapur और विदिशा समेत कई जिलों में भी कोहरे का असर दिखाई दिया।
दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में शनिवार को भी कोल्ड डे यानी दिनभर ठंडे मौसम का अलर्ट जारी किया गया है।
राज्यभर में तापमान में गिरावट
उत्तर से बर्फीली हवा आने की वजह से मध्यप्रदेश के ऊपरी हिस्से में ठंड का असर बढ़ गया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में रातें काफी ठंडी हो गई हैं, जबकि ग्वालियर-चंबल के जिलों में दिन का तापमान भी काफी नीचे चला गया है। इससे अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है और यह स्थिति अगले दो दिन तक बनी रहने की संभावना है।
खजुराहो सबसे ठंडा, कई शहरों में पारा लुढ़का
गुरुवार-शुक्रवार की रात में छतरपुर जिले का खजुराहो प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दतिया में 3.9 डिग्री, शिवपुरी में 4 डिग्री, राजगढ़ में 5 डिग्री, पचमढ़ी में 5.8 डिग्री, मंडला में 5.9 डिग्री, रीवा में 6 डिग्री, उमरिया में 6.4 डिग्री और सीधी व टीकमगढ़ में 6.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले गुरुवार को ग्वालियर में दिन का तापमान 10.4 डिग्री रहा था। भोपाल में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री, इंदौर में 9.4 डिग्री, उज्जैन में 8.3 डिग्री और जबलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
अगले दो दिन तक ठंड से राहत की संभावना कम
मौसम विभाग का अनुमान है कि बर्फीली हवाओं और कोहरे के चलते मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो दिन तक ठंड का कड़ाका जारी रहेगा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहने के कारण लोगों को दिन और रात दोनों समय ठिठुरन का सामना करना पड़ सकता है।
Navjeet Kaur