सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन की याचिका खारिज की, चुनाव में हस्तक्षेप पर फैसला।

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सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन की याचिका खारिज की, चुनाव में हस्तक्षेप पर फैसला।

सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी नटराजन की याचिका खारिज की

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के मामले पर दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि नामांकन खारिज होने जैसे चुनावी मामलों में आम तौर पर कोर्ट बीच में दखल नहीं देता है।

कोर्ट के फैसले का आधार

कोर्ट ने इस तर्क को नहीं माना कि यदि नामांकन खारिज करना "गलत या मनमाना" हो तो भी सुप्रीम कोर्ट तुरंत हस्तक्षेप करे। अदालत ने कहा कि यदि ऐसा रास्ता खोला गया तो हर चुनाव मामले में अलग-अलग जांच करनी पड़ेगी, जो संविधान के खिलाफ होगा। इसलिए कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अनुच्छेद 32 के तहत सुनवाई नहीं हो सकती।

भविष्य की कार्रवाई का अधिकार सुरक्षित

इसी के साथ कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी और कहा कि उम्मीदवार चाहे तो बाद में चुनाव याचिका दाखिल कर सकता है। उसका अधिकार सुरक्षित रहेगा।

मीनाक्षी नटराजन का पक्ष

इससे पहले सुनवाई के दौरान मीनाक्षी नटराजन के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था, 'रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें शुरुआती चरण में ही बाहर कर दिया है। उन्हें चुनाव लड़ने दिया जाए, अगर उन्हें वोट नहीं मिलते हैं तो वे हार जाएंगी, यही लोकतंत्र की प्रक्रिया है।'

नामांकन रद्द होने का कारण

बता दें कि मध्य प्रदेश की तीसरी सीट के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था। कांग्रेस के पास पर्याप्त संख्या बल भी था, लेकिन 9 जून को उनका नामांकन फॉर्म निरस्त कर दिया गया। भाजपा ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी ने अपने खिलाफ दर्ज एक केस की जानकारी नामांकन पत्र में नहीं दी। इस आपत्ति को स्वीकार करते हुए रिटर्निंग अधिकारी अरविंद शर्मा ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया था।

भाजपा उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत

इससे पहले गुरुवार को मध्य प्रदेश की तीनों सीटों पर भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवारों रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट ने निर्विरोध जीत दर्ज की।

Navjeet Kaur

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