उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई पर मौलाना मदनी ने जताई कड़ी आपत्ति
जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने 'आई लव मोहम्मद' जैसे नारों और पोस्टर्स पर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की गई कार्रवाइयों की कठोर निंदा की है। उन्होंने इसे घोर अन्याय और चिंताजनक बताया है। मौलाना मदनी ने कहा कि मुसलमानों के लिए पैगंबर मोहम्मद से प्रेम और उनकी आज्ञा का पालन करना अल्लाह की खुशी प्राप्त करने का माध्यम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पैगंबर मोहम्मद की शिक्षाओं के बिना मुसलमानों का जीवन अधूरा है।
पैगंबर मोहम्मद के आदर्शों का पालन करने की अपील
मौलाना मदनी ने इस्लाम के अनुयायियों से अपील की कि वे पैगंबर मोहम्मद को अपने जीवन का मार्गदर्शक बनाएं और उनके आदर्शों का अनुसरण करें। उन्होंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद के व्यक्तित्व को किसी भी प्रकार के विरोध का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। पैगंबर मोहम्मद करुणा और प्रेम का स्रोत हैं, और उनका संदेश सभी के लिए समान रूप से पवित्र है।
उत्तर प्रदेश सरकार से कार्रवाई रोकने की मांग
मौलाना मदनी ने उत्तर प्रदेश सरकार से अपील की कि वह धार्मिक भावनाओं और जनभावनाओं का सम्मान करे। उन्होंने कहा कि केवल नारों और पोस्टरों के कारण लोगों को गिरफ्तार करना और जेल में डालना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने मुस्लिम युवाओं से आग्रह किया कि वे धैर्य और विवेक का परिचय दें और कानूनी एवं लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी बात रखें। साथ ही, उन्होंने दुश्मनों के षडयंत्रों और चालबाजियों से सतर्क रहने की भी अपील की।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बयान
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने भी उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है। बोर्ड ने सरकार से मांग की कि मौलाना तौकीर रजा को तुरंत रिहा किया जाए। AIMPLB ने कानपुर में मुसलमानों के प्रदर्शन को अपराध मानने की आलोचना की और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को धमकी भरा बताया।
यूपी सरकार पर सवाल
AIMPLB ने प्रेस रिलीज़ में कहा कि मुख्यमंत्री को समझना चाहिए कि वे पूरे राज्य के नेता हैं, न कि किसी एक समुदाय के। बोर्ड ने मुस्लिम समुदाय के अधिकारों की रक्षा की मांग की और उत्तर प्रदेश प्रशासन से निष्पक्षता का आग्रह किया।
यह मामला उत्तर प्रदेश में धार्मिक भावनाओं और कानून-व्यवस्था के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करता है। मौलाना मदनी और AIMPLB की अपील से यह स्पष्ट है कि समुदाय में धैर्य और विवेक बनाए रखने की आवश्यकता है।