विजय माल्या ने ED की वसूली पर सवाल उठाए, भगोड़ा घोषित किए जाने को चुनौती दी
माल्या के आरोप और ED के हलफनामे का दावा
लंदन में रह रहे कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार देर रात सोशल मीडिया मंच X पर कई पोस्ट कर भारत सरकार पर अन्याय करने का आरोप लगाया। माल्या ने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में माना है कि उनकी संपत्ति से बैंकों को 14,131.60 करोड़ रुपए की वसूली हुई है। माल्या के अनुसार हलफनामे के पैराग्राफ 7 में तय कर्ज और पैराग्राफ 17 में 2021 में वसूल की गई यह रकम दर्ज है। उन्होंने कहा कि यह रकम किंगफिशर एयरलाइंस के कर्ज के रूप में बकाया थी। माल्या ने एक पोस्ट में लिखा, "मेरे साथ हो रहे अन्याय को देखते हुए मुझे लगता है कि मुझे कॉकरोच बन जाना चाहिए। शायद कॉकरोच बनकर बेहतर जिंदगी जी सकूं। मैं भगोड़ा नहीं हूं। ब्रिटेन की कानूनी प्रक्रिया ने मुझे भारत लौटने से रोक रखा है।" उन्होंने वसूली का लेखा-जोखा दिखाने वाली एक तालिका भी साझा की और पूछा कि मीडिया उन्हें धोखेबाज क्यों कहता है और उनका रिफंड कब मिलेगा।
प्रत्यर्पण प्रक्रिया, अदालती कार्यवाही और हालिया घटनाक्रम
विजय माल्या पर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) समेत कई बैंकों से किंगफिशर एयरलाइंस के लिए करीब 9,000 करोड़ रुपए का कर्ज लेने और उसे नहीं चुकाने का आरोप है। वे 2 मार्च 2016 को भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए थे। साल 2019 में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (FEOA) के तहत उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया। इस कानून के तहत प्राधिकारियों को संपत्तियां जब्त करने और नीलाम कर बकाया वसूलने का अधिकार मिला है। भारत सरकार लगातार ब्रिटेन से उनके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है। माल्या का कहना है कि ब्रिटेन में चल रही कानूनी प्रक्रिया के कारण वे भारत नहीं लौट पा रहे हैं।
इस साल फरवरी में बॉम्बे हाईकोर्ट ने विजय माल्या को फटकार लगाते हुए कहा था कि जानबूझकर अदालती कार्यवाही से बचने वाला व्यक्ति न्यायसंगत राहत की मांग नहीं कर सकता। कोर्ट ने माल्या से कहा था कि यह आखिरी मौका है, वे बताएं कि भारत लौटना चाहते हैं या नहीं। माल्या ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून और उन्हें भगोड़ा घोषित किए जाने को चुनौती दी है।
एक संबंधित घटनाक्रम में बॉम्बे हाईकोर्ट ने भगोड़े कारोबारी विजय माल्या और बैंकों के बीच चल रहे कॉमर्शियल विवाद को खत्म करने की बात कही है। कोर्ट ने इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय से जांच की मौजूदा स्थिति और अटैच की गई संपत्तियों का ब्योरा भी मांगा है। कोर्ट ने कहा कि इस विवाद से देश की अर्थव्यव
L. N. Bhargava