उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने 24,496.9 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विधानसभा में 24,496.9 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार हमेशा अपने विजन के अनुसार कार्य करती रही है और इसी कड़ी में अनुपूरक बजट को चर्चा के लिए सदन के पटल पर रखा गया है। यह अनुपूरक बजट मूल बजट का 3.30 प्रतिशत है और इसे रेवेन्यू सरप्लस बजट के रूप में पेश किया गया।
विभिन्न क्षेत्रों के लिए बजट प्रावधान
अनुपूरक बजट में औद्योगिक विकास, ऊर्जा और स्वास्थ्य सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए धनराशि निर्धारित की गई है। औद्योगिक विकास के लिए 4,874 करोड़ रुपये, बिजली क्षेत्र के लिए 4,521 करोड़ रुपये और चिकित्सा एवं परिवार कल्याण के लिए 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
तकनीकी शिक्षा के लिए 639.96 करोड़ रुपये और चिकित्सा शिक्षा के लिए 423.10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। गन्ना-चीनी क्षेत्र के लिए 400 करोड़ रुपये, नगर विकास के लिए 1,752 करोड़ रुपये और नोएडा विकास प्राधिकरण (नेडा) के लिए 500 करोड़ रुपये रखे गए हैं। राज्य का जीएसडीपी 31,914 करोड़ रुपये बताया गया है।
सदन में सपा का हंगामा और वॉकआउट
अनुपूरक बजट पेश होने से पहले विधानसभा में तीखी राजनीतिक सरगर्मी देखने को मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान को लेकर समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने सदन में जोरदार हंगामा किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन के बीच समाजवादी पार्टी के सदस्य बजट प्रस्तुति से पहले ही सदन से वॉकआउट कर गए।
कफ सिरप और कोडीन के मुद्दे पर विपक्ष का हमला
विधानसभा सत्र की शुरुआत में प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कफ सिरप और कोडीन से जुड़े मामले को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोडीन का मामला पूरे प्रदेश में जाल की तरह फैला हुआ है और यह काफी समय से चल रहा है, जिस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी संज्ञान लिया है।
नेता प्रतिपक्ष के अनुसार, इस प्रकार की दवाओं के सेवन से सैकड़ों बच्चों की जान गई है और हजारों करोड़ रुपये का अवैध धंधा हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास इंटेलिजेंस और खुफिया एजेंसियां होने के बावजूद समय रहते जानकारी और कार्रवाई नहीं की गई, जबकि समय पर कदम उठाए जाते तो सैकड़ों बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।
निष्कर्ष
एक ओर योगी सरकार ने अनुपूरक बजट के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधानों को रेखांकित किया, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने कफ सिरप और कोडीन से जुड़े मामले तथा सरकार की कथित लापरवाही को लेकर कड़ा रुख अपनाया। बजट और कानून-व्यवस्था तथा स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर आगे की चर्चा सदन में होने की संभावना बनी हुई है।
Satyam Tripathi