बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप: त्रिसा-गायत्री ने सेमीफाइनल में जगह बनाई, मेडल पक्का
15 साल बाद बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप के विमेंस डबल्स में भारत का मेडल पक्का हुआ है। त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में वर्ल्ड नंबर-4 चीन की जिया यी फान और झांग शु शियान को 16-21, 21-15, 21-13 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
सेमीफाइनल में हारने पर भी मेडल क्यों मिलता है?
बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में सेमीफाइनल में हारने वाली दोनों जोड़ियों को ब्रॉन्ज मेडल दिया जाता है। इसके लिए अलग से तीसरे स्थान का मुकाबला नहीं कराया जाता। यानी त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद अगर सेमीफाइनल में हार भी जाती हैं, तो उनका ब्रॉन्ज मेडल पक्का रहेगा।
मुकाबले की स्थिति
चीन की जोड़ी ने पहले गेम में 4-0 से बढ़त बनाई और पहला गेम 21-16 से जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने बेहतर डिफेंस, तेज स्मैश और नेट पर आक्रामक खेल के दम पर 21-15 से गेम जीतकर स्कोर 1-1 कर दिया। निर्णायक गेम में त्रिसा-गायत्री ब्रेक तक 11-5 से आगे रहीं और 21-13 से गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि त्रिसा और गायत्री इससे पहले जिया यी फान और झांग शु शियान के खिलाफ तीनों मुकाबले हार चुकी थीं।
आगे का रास्ता
क्वार्टर फाइनल से पहले त्रिसा और गायत्री ने राउंड ऑफ-16 में जापान की सातवीं सीड रिन इवानागा और की नाकानिशी को 21-16, 21-12 से हराया था। त्रिसा के चोट से वापसी के बाद यह जोड़ी शानदार फॉर्म में है। दोनों 2022 और 2023 में लगातार दो साल ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंच चुकी हैं और 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं।
भारत का रिकॉर्ड
इससे पहले 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। भारत के वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल की संख्या 16 हो गई है, जिसमें एक गोल्ड, चार सिल्वर और 11 ब्रॉन्ज शामिल हैं। भारत के लिए पहला मेडल 1983 में प्रकाश पादुकोण ने ब्रॉन्ज के रूप में जीता था, जबकि एकमात्र गोल्ड पीवी सिंधु ने दिलाया है। भारत 2011 से लगातार 11 वर्ल्ड चैंपियनशिप एडिशन में कम से कम एक मेडल जीता है।
अन्य भारतीय चुनौती
भारत के पास इस चैंपियनशिप में एक और मेडल जीतने का मौका है। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी मेन्स डबल्स के क्वार्टर फाइनल में उतरेंगे। उन्होंने राउंड ऑफ-16 में मलेशिया के जुनैदी अरिफ और रॉय किंग याप को 21-23, 21-19, 21-17 से हराया था।
Adarsh Chaurasiya