राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 73 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल, आठ आरोपी

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 73 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल, आठ आरोपी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 73 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल

बुधवार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में जेल में बंद आठ आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई। चार बड़े बक्सों और एक गत्ते पैक में 73 हजार 480 पन्नों की चार्जशीट लेकर अधिकारी न्यायालय पहुंचे। चार्जशीट में पुलिस ने घटनाक्रम, साक्ष्यों का विवरण, आरोपितों, गवाहों और कर्मियों के बयान, सीसीटीवी फुटेज की जांच में सामने आए तथ्यों तथा दान व कीमती वस्तुओं के मिलान का विवरण दर्ज किया है। जांच के बाद चार्जशीट में कोई नया नाम नहीं जोड़ा गया है। बैंककर्मियों और ट्रस्ट पदाधिकारियों को क्लीन चिट दी गई है। सीसीटीवी फुटेज जांच के दौरान चढ़ावे की चोरी से जुड़ी 105 घटनाओं का उल्लेख है। आरोपित अनुकल्प मिश्र को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है।

चोरी का खुलासा होने के बाद 25 जून को आठ आरोपितों रामशंकर यादव टिन्नू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस की विवेचना के बाद चार्जशीट में और कोई नाम नहीं बढ़ा है।

अधिवक्ताओं का विरोध और न्यायालय में घटनाक्रम

चार्जशीट दाखिल किए जाने की जानकारी मिलते ही अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। अधिवक्ताओं का कहना था कि पहले उनकी आपत्ति सुनी जानी चाहिए, इसके बाद ही चार्जशीट दाखिल की जाए। इसको लेकर कोर्ट परिसर में गहमागहमी का माहौल बना रहा। अधिवक्ताओं ने चढ़ावा चोरी प्रकरण में राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर पहले ही तहरीर दे रखी है। कुछ देर बाद जिला जज की मध्यस्थता के बाद अधिवक्ता वापस लौटे और विशेष न्यायाधीश कोर्ट पहुंचे। पांच अधिवक्ता कोर्ट के अंदर गए, बाकी कोर्ट के बाहर रुक गए। चार्जशीट पढ़ने के बाद वे लोग वापस लौटे।

आरोपियों पर विशिष्ट आरोप, बरामदगी और घटनाक्रम की समयरेखा

रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास बिना किसी औपचारिक आदेश के दानपात्रों की चाबियां थीं। जांच में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के चालक रहे टिन्नू यादव के बयान में श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के नाम पर रुपये लेने और उन रुपयों से आभूषण खरीदने की बात कही गई है। मंदिर से जुड़े संपर्कों और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए वाहनों को किराये पर चलाने से उसे करीब 90 हजार रुपये प्रतिमाह तक की आय होने का दावा है। पुलिस ने इन दावों से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य चार्जशीट में शामिल किए हैं। अनुकल्प मिश्र और लवकुश मिश्र नकदी की गिनती से जुड़े थे। पुलिस का दावा है कि अनुकल्प के घर से करीब 20 लाख और लवकुश के घर से करीब 10 लाख रुपए बरामद हुए। मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्र भी नकदी की गिनती से जुड़े बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार अविनाश शुक्ल के बैंक खाते से 5 लाख रुपए की रिकवरी हुई थी।

गिरफ्तारी के समय बरामदगी का विवरण इस प्रकार है: अविनाश शुक्ल के पास से 20 लाख 39 हजार 220 रुपए, 1121 यूएस डॉलर, 159.54 ग्राम चांदी, 8.11 ग्राम सोना और 3.44 ग्राम सोने की अंगूठी; अनुकल्प मिश्र के पास से 16 लाख 82 हजार 40 रुपए; लवकुश मिश्र के पास से 14 लाख 25 हजार रुपए; रमाशंकर मिश्र के पास से सात लाख 32 हजार 170 रुपए और 24.72 ग्राम का चांदी का बिछुआ व चांदी के दो सिक्के; मनीष यादव के पास से दो लाख रुपए; करुणेश पांडेय के पास से 18 लाख सात हजार 63 रुपए; रामशंकर यादव टिन्नू के पास से एक लाख रुपए बरामद हुए।

चढ़ावा चोरी की पूरी समयरेखा: 4 जून को गणना कक्ष में नकदी छिपाने का मामला सामने आया और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए; 7 जून को सपा नेता अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर मामला उठाया; 8 जून को तत्कालीन महासचिव चंपत राय ने आरोपों को खारिज किया; 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की; 13 जून को योगी सरकार ने जांच के लिए SIT का गठन किया; 15 जून को एसआईटी ने अयोध्या पहुंचकर जांच शुरू की; 16 जून को एसआईटी ने ट्रस्ट के करीब एक वर्ष पुराने दस्तावेज खंगाले; 23 जून को एसआईटी ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी; 25 जून को एफआईआर दर्ज हुई और इसके बाद 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया; 26 जून को चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दिया; 28 जून को पुलिस ने आरोपियों के घरों पर छापेमारी की।

L. N. Bhargava