IIT बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या का मामला: घटनाक्रम और जांच
सीसीटीवी फुटेज और अपराध शाखा की जांच
बुधवार शाम को 54 सेकेंड का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया जो 18 सितंबर दोपहर 12:38 बजे एग्जाम हॉल के अंदर का है। फुटेज में साहिल वाकोडे काली टी-शर्ट पहने दिख रहे हैं और तीन सुपरवाइजर मौजूद हैं। साहिल अपने मोबाइल फोन में देखने की कोशिश करते हैं, तभी प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला उनसे कुछ कहते हैं और फिर छात्र से मोबाइल और ऑन्सर शीट ले ली जाती है। क्राइम ब्रांच इस फुटेज के जरिए उस वक्त की घटना का पता लगा रही है। उसी शाम साहिल हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला था।
संस्थान ने आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को छुट्टी पर भेज दिया है। उन पर साहिल को आत्महत्या के लिए उकसाने और जातिगत भेदभाव का आरोप है। 21 सितंबर को दूल्ला को डीन ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स के पद से हटाया गया था।
संस्थान की प्रतिक्रिया, छात्रों का प्रदर्शन और आंकड़े
साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने कहा कि एफआईआर में नामजद दोनों आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है और परिवार को कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई। संस्थान ने जांच के लिए 10 सदस्यीय हाईलेवल कमेटी बनाई है जिसकी अध्यक्षता IIT पालक्कड़ के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन प्रो. रमेश वेंकटेश्वरन करेंगे। कमेटी मौत से पहले की परिस्थितियों और आरोपों की जांच करेगी और एक हफ्ते में रिपोर्ट देगी।
IIT बॉम्बे ने 19 सितंबर को कहा था कि मिड-सेमेस्टर एग्जाम के दौरान साहिल मोबाइल से नकल करते पकड़ा गया था और उसने ChatGPT पर प्रश्नपत्र अपलोड करने की कोशिश की थी। हालांकि 21 सितंबर को संस्थान ने माफी मांगते हुए अपना बयान वापस लिया और कहा कि जांच पूरी होने से पहले बयान देना सही नहीं था।
साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे में छात्रों का प्रदर्शन तीन दिन तक चला। 18 सितंबर से कैंपस के मुख्य गेट के पास धरना शुरू हुआ जिसमें 18 मांगें रखी गईं, जिनमें स्वतंत्र जांच, संबंधित प्रोफेसर पर कार्रवाई, मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, छात्रों की संस्थागत निर्णयों में भागीदारी और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई न करना शामिल था। 20 सितंबर की रात करीब तीन घंटे की बैठक के बाद डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदारे ने छात्रों के 18 सूत्री चार्टर पर हस्ताक्षर किए, हालांकि संस्थान ने कहा कि कुछ मांगों पर नियमों के तहत प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
इस साल IIT बॉम्बे में आत्महत्या का यह तीसरा और देश का नौवां मामला है। पिछले 6 साल के दौरान 2025 में सबसे ज्यादा 16 IIT छात्रों ने आत्महत्या की थी। ग्लोबल IIT एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक, पिछले 20 साल में IIT के कुल 160 छात्रों ने आत्महत्या की है।
Ravi Yadav