अखिलेश ने सपा नेताओं से कहा- ऐसा बयान न दें जिससे भाजपा को फायदा हो

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अखिलेश ने सपा नेताओं से कहा- ऐसा बयान न दें जिससे भाजपा को फायदा हो

अखिलेश का बयान

समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने 15 अगस्त को पार्टी दफ्तर में कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव में समय कम है। उन्होंने नसीहत दी कि कोई ऐसा स्टेटमेंट नहीं आना चाहिए जिसका फायदा भाजपा उठा ले।

इस बयान को शिवपाल यादव के रामपुर दौरे के बयान से जोड़ा गया। शिवपाल ने कहा था कि सरकार बनते ही आजम खान पर हुए हर जुल्म का बदला लिया जाएगा, आजम खान को गृहमंत्री बनाया जाएगा और आजम तथा संभल सांसद जियाउर्रहमान के सारे मुकदमे वापस लिए जाएंगे।

बयानों पर नियंत्रण की कोशिश क्यों?

अखिलेश को आशंका है कि नेताओं के बयान सपा की चुनावी रणनीति और मुद्दों को भटका सकते हैं। इसके तीन कारण बताए गए हैं- सॉफ्ट हिंदुत्व का माहौल बना रहे, कोई जाति या समुदाय नाराज न हो, और सपा के खिलाफ नैरेटिव न बने।

भाजपा कैसे बनाती है हथियार?

2022 विधानसभा चुनाव में सपा नेताओं के विवादित बयानों के नुकसान के उदाहरण दिए गए हैं। अगस्त 2021 में स्वतंत्रता सेनानियों से तालिबान की तुलना, मार्च 2022 में सरकार बनने पर अफसरों का हिसाब लेने की बात, और दिसंबर 2022 में बच्चा पैदा होने से पहले आजम की इजाजत मांगने वाला बयान शामिल है।

2027 से पहले चुनौती

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सपा के सामने दोनों चुनौतियां बड़ी हैं। लेकिन राजनीतिक संदर्भ और चुनावी समय को देखते हुए बयानबाजी पर नियंत्रण रखना प्राथमिक चुनौती मानी जा रही है।

Navjeet Kaur