बैंकिंग सुधारों के लिए जल्द बनेगी हाई-लेवल कमेटी, NPA सबसे निचले स्तर पर

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बैंकिंग सुधारों के लिए जल्द बनेगी हाई-लेवल कमेटी, NPA सबसे निचले स्तर पर

बैंकिंग सुधारों के लिए जल्द बनेगी हाई-लेवल कमेटी

सरकार जल्द ही बैंकिंग सेक्टर में सुधारों के लिए अपनी हाई-लेवल कमेटी का ऐलान करेगी। वित्त मंत्री ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन यह घोषणा की। इस कमेटी का गठन इसी महीने हो सकता है।

बजट 2026-27 में रखा गया था प्रस्ताव

इस हाई-लेवल कमेटी के गठन का प्रस्ताव सबसे पहले केंद्रीय बजट 2026-27 में रखा गया था। इसका मुख्य मकसद बैंकिंग सेक्टर को देश के आर्थिक विकास के लक्ष्यों के अनुरूप ढालना और समीक्षा करना है। हालांकि, अभी तक इस समिति का औपचारिक रूप से गठन होना बाकी है।

2047 के विकसित भारत लक्ष्य पर फोकस

वित्त मंत्री ने साफ किया कि यह पैनल 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में बैंकों की भूमिका पर अपना ध्यान केंद्रित करेगा। कमेटी विकसित भारत की ओर बैंकों की भूमिका की समीक्षा करेगी।

रिपोर्ट आते ही सिफारिशों पर तेजी से काम

वित्त मंत्री ने देश के बैंकिंग सेक्टर में आए सुधारों और एसेट क्वालिटी का जिक्र करते हुए नए बदलावों की जरूरत बताई। उन्होंने भरोसा दिया कि समिति की रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद सरकार सुझाई गई सिफारिशों को लागू करने में देरी नहीं करेगी।

पब्लिक सेक्टर बैंकों का रिकॉर्ड मुनाफा

वित्त वर्ष 2025-26 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने कुल मिलाकर रिकॉर्ड 1.98 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। सरकार इस मजबूत वित्तीय स्थिति के बल पर बड़े बैंकिंग सुधारों की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

NPA की स्थिति

वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों का NPA सबसे निचले स्तर पर है। नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) उन लोन या एडवांस को कहा जाता है, जिनका ब्याज या मूलधन तय समय (सामान्यतः 90 दिन) तक वापस नहीं आता। बैंकों का NPA कम होना उनकी मजबूत वित्तीय स्थिति का संकेत माना जाता है।

विकसित भारत 2047 का विजन

भारत सरकार का लक्ष्य है कि देश की आजादी के 100 साल पूरे होने (2047) तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाया जाए। इस विजन को हासिल करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्थिक विकास और बैंकिंग सिस्टम में बड़े पैमाने पर सुधार की आवश्यकता है।

Arvind Vishwakarma