भोपाल में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का दो दिवसीय प्रवास
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत दो दिनों के भोपाल प्रवास पर हैं। यह प्रवास संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चल रही देशव्यापी प्रवास श्रृंखला का हिस्सा है। इस दौरान युवाओं, समाज के प्रभावशाली वर्गों और मातृशक्ति के साथ अलग-अलग संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
चार मुख्य कार्यक्रमों के माध्यम से संवाद
इस दो दिवसीय प्रवास में कुल चार प्रमुख कार्यक्रम रखे गए हैं। इनका उद्देश्य विभिन्न वर्गों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना, समाज में सकारात्मक विचारों का प्रसार करना और राष्ट्रनिर्माण को लेकर जागरूकता बढ़ाना है। सभी कार्यक्रम चयनित सहभागियों के साथ संवादात्मक रूप में आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि विचार-विमर्श खुलकर हो सके।
युवा संवाद: 31 जिलों के प्रतिभाशाली युवा शामिल
पहला बड़ा कार्यक्रम कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में प्रांत स्तरीय युवा संवाद के रूप में हो रहा है। इसमें मध्यभारत प्रांत के 31 जिलों से ऐसे युवाओं को आमंत्रित किया गया है, जिन्होंने शिक्षा, सेवा, नवाचार, सामाजिक कार्य और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
इस संवाद में डॉ. मोहन भागवत युवाओं से राष्ट्रनिर्माण में उनकी भूमिका, सामाजिक जिम्मेदारी और मूल्यों के महत्व पर विचार साझा कर रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को प्रेरित कर उन्हें समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना है।
प्रमुखजन गोष्ठी: समाज के प्रभावशाली वर्ग से विमर्श
शुक्रवार शाम को रविन्द्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में प्रमुखजन गोष्ठी आयोजित की जा रही है। इसमें भोपाल विभाग के सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक क्षेत्रों के प्रमुख व्यक्तित्वों को आमंत्रित किया गया है।
इस गोष्ठी में संघ की शताब्दी यात्रा, सामाजिक समरसता, और वर्तमान समय की चुनौतियों पर चर्चा होगी। उद्देश्य है कि समाज में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने वाले लोग मिलकर साझा चिंतन करें और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने के लिए ठोस दिशा तय कर सकें।
सामाजिक सद्भाव बैठक: विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि एक मंच पर
दूसरे दिन सुबह कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सामाजिक सद्भाव बैठक रखी गई है। इसमें मध्यभारत प्रांत के सभी जिलों से विभिन्न समाजों के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। यह बैठक सामाजिक एकता, समरसता और पारस्परिक सहयोग को बढ़ाने पर केंद्रित है।
इस मंच पर सरसंघचालक समाज को जोड़ने वाले विचारों, साझा जिम्मेदारियों और आपसी विश्वास को मजबूत करने की आवश्यकता पर मार्गदर्शन देंगे। विभिन्न समुदायों के बीच संवाद के माध्यम से आपसी दूरी कम करने और सहयोग की भावना बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
शक्ति संवाद: मातृशक्ति की भूमिका पर विशेष चर्चा
दूसरे दिन शाम को भोपाल की प्रमुख मातृशक्ति के साथ शक्ति संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में समाज, परिवार और राष्ट्रनिर्माण में महिला और मातृशक्ति की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की सामाजिक नेतृत्व क्षमता, उनकी भागीदारी और निर्णयकारी भूमिका को रेखांकित करना है। शक्ति संवाद को महिला सहभागिता और समाज में उनकी प्रभावी उपस्थिति के नजरिए से महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
शताब्दी वर्ष में आरएसएस को जानने की बढ़ती उत्सुकता
आरएसएस के शताब्दी वर्ष के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों में संघ की कार्यप्रणाली और विचारधारा को लेकर उत्सुकता बढ़ी है। मोहन भागवत का यह प्रवास उसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को संघ के बारे में तथ्यात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने की कोशिश की जा रही है।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया जा रहा है कि देश और समाज के निर्माण में सामान्य नागरिक किस प्रकार सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। विविध वर्गों से संवाद के जरिए सामाजिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
निष्कर्ष: भोपाल के लिए महत्वपूर्ण वैचारिक और सामाजिक आयोजन
मोहन भागवत का यह दो दिवसीय भोपाल प्रवास सिर्फ औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक महत्वपूर्ण वैचारिक और सामाजिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। युवा, प्रबुद्धजन, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि और मातृशक्ति से संवाद के माध्यम से व्यापक स्तर पर चिंतन और संवेदनशीलता विकसित करने का प्रयास हो रहा है।
संघ के शताब्दी वर्ष में आयोजित ये कार्यक्रम भोपाल और मध्यभारत प्रांत के लिए सामाजिक समरसता, राष्ट्रनिर्माण और नागरिक जिम्मेदारी पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में उभर रहे हैं।
Satyam Tripathi