महाशिवरात्रि पर राजधानी में भव्य शिव बारात; 2026 में होगा 'महादेव-भोजपुर महोत्सव'
आज महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर राजधानी भोपाल और बैरागढ़ में भक्ति और उत्साह के साथ भव्य शिव बारातें निकाली गईं। इसके साथ ही, मध्यप्रदेश शासन द्वारा रायसेन जिले के ऐतिहासिक भोजपुर मंदिर प्रांगण में वर्ष 2026 में 'महादेव-भोजपुर महोत्सव' के आयोजन की घोषणा की गई है, जो शिव-साधना और लोक कलाओं का संगम बनेगा।
राजधानी में शिव बारात का भव्य आयोजन
शिवालय भवन से माँ भवानी मंदिर तक शोभायात्रा
राजधानी में महाशिवरात्रि के पर्व पर भव्य शिव बारात निकाली गई। संयोजक संजय अग्रवाल ने बताया कि बारात सुबह 11 बजे पुराने शहर स्थित शिवालय भवन से प्रारंभ हुई। यह शोभायात्रा सिंधी मार्केट, जनकपुरी हनुमानगंज, मंगलवारा, ट्रांसपोर्ट एरिया, इतवारा, चिंतामन चौराहा, गणेश चौक, सावरकर चौक लखेरापुरा होते हुए रात 10 बजे माँ भवानी मंदिर पहुंचेगी, जहां वरमाला की रस्म संपन्न होगी। आयोजन बड़वोल महादेव मंदिर सेवा समिति एवं ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है।
बारात का मुख्य आकर्षण चांदी के नंदी पर सवार दूल्हा स्वरूप में बाबा बटेश्वर रहे, जिनका मनमोहक स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष केंद्र रहा। शोभायात्रा में प्रदेश के प्रसिद्ध बैंड, विभिन्न प्रांतों से आए नृत्य मंडल अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियां देंगे। युवाओं का डमरू दल भी इस बार विशेष रहा, जिसमें पहली बार 50 से अधिक बालिकाओं का दल शामिल हुआ। सुंदर रथों पर देवी-देवताओं के स्वरूप और आकर्षक झांकियां भी शोभायात्रा की शोभा बढ़ाएंगी। बारात मार्ग पर घर-घर पूजन एवं स्वागत की तैयारियां की गईं तथा सैकड़ों सामाजिक संस्थाओं, विभिन्न समाजों और ट्रस्टों ने अपने-अपने मंचों से स्वागत किया।
बैरागढ़ में भी निकली शिव बारात
संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) स्थित संकट मोचन खेड़ापति हनुमान मंदिर में भी महाशिवरात्रि का उत्सव 22 सालों से मनाया जा रहा है। सुबह शिव अभिषेक, हवन और पूजन के बाद दोपहर में भव्य शिव बारात निकाली गई। इस बारात में डमरू पार्टी, हाथी-घोड़े और डीजे की धुन पर श्रद्धालु नृत्य करते हुए शामिल हुए। विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियां भी इस शोभायात्रा का हिस्सा बनीं।
2026 में होगा ‘महादेव-भोजपुर महोत्सव’
मध्यप्रदेश शासन द्वारा रायसेन जिले के ऐतिहासिक भोजपुर मंदिर प्रांगण में 15 से 17 फरवरी 2026 तक तीन दिवसीय ‘महादेव-भोजपुर महोत्सव’ आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन प्रतिदिन शाम 6:30 बजे से होगा, जो शिव-साधना, लोकआस्था और कला-सौंदर्य का अद्भुत संगम बनेगा। यह महोत्सव जिला प्रशासन, रायसेन के सहयोग से आयोजित होगा और इसमें लोकगायन, लोकनृत्य, नृत्य-नाटिका, सुगम संगीत और अखिल भारतीय कवि सम्मेलन की प्रस्तुतियां होंगी।
महोत्सव के प्रमुख आकर्षण
महोत्सव के पहले दिन15 फरवरी 2026को सागर के ऋषि विश्वकर्मा लोकगायन की प्रस्तुति देंगे। इसके बाद उमेश नामदेव द्वारा बधाई एवं बरेदी लोकनृत्य प्रस्तुत किया जाएगा, जो बुंदेलखंडी लोकजीवन की झलक दिखाएगा। संध्या का प्रमुख आकर्षण मुंबई के भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा का भक्ति संगीत होगा।
दूसरे दिन16 फरवरी 2026को भोपाल की शीला त्रिपाठी लोकगायन प्रस्तुत करेंगी। पश्चात मुंबई की भावना शाह एवं उनके साथियों द्वारा शिव महिमा पर आधारित नृत्य-नाटिका का मंचन किया जाएगा। दिन का समापन मुंबई की पार्श्व गायिका महालक्ष्मी अय्यर के सुगम संगीत से होगा।
महोत्सव के अंतिम दिन17 फरवरी 2026को भोपाल के बलराम पुरोहित लोकगायन से कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। इसके बाद आकृति जैन एवं साथी कलाकार शिव-केंद्रित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत करेंगे। समापन अवसर पर आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित कवि अशोक चक्रधर, दिनेश बावरा, प्रताप फौजदार, गजेन्द्र सोलंकी, रुचि चतुर्वेदी, पूनम वर्मा और मनु वैशाली अपनी रचनाओं से काव्यरस की धारा प्रवाहित करेंगे।
Ravi Yadav